Friday, October 14, 2016

शरद पूर्णिमा - 15 अक्टूबर 2016

🚩शरद पूर्णिमा - 15 अक्टूबर 2016
🚩#आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को #‘शरद पूर्णिमा’ बोलते हैं ।
🚩 #शरद_पूर्णिमा की रात्रि पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है और अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है। इस रात्रि में #चंद्रमा का ओज सबसे तेजवान और ऊर्जावान होता है। #पृथ्वी पर शीतलता, पोषक शक्ति एवं शांतिरूपी अमृतवर्षा करता है ।
🚩इस दिन #रास-उत्सव और कोजागर व्रत किया जाता है । #गोपियों को शरद पूर्णिमा की रात्रि में #भगवान श्रीकृष्ण ने बंसी बजाकर अपने पास बुलाया और ईश्वरीय अमृत का पान कराया था ।
🚩यूं तो हर माह में पूर्णिमा आती है, लेकिन #शरद पूर्णिमा का महत्व उन सभी से कहीं अधिक है। हिंदू धर्म ग्रंथों में भी इस #पूर्णिमा को विशेष बताया गया है।
🚩#शरद पूर्णिमा से जुड़ी बातें....

Jago Hindustani - शरद पूर्णिमा 

🚩दिन चंद्रमा की किरणें विशेष अमृतमयी गुणों से युक्त रहती हैं, जो #कई बीमारियों का नाश कर देती हैं। यही कारण है कि #शरद पूर्णिमा की रात को लोग अपने घरों की छतों पर खीर रखते हैं, जिससे #चंद्रमा की किरणें उस #खीर के संपर्क में आती है, इसके बाद उसे खाया जाता है।
🚩#नारद पुराण के अनुसार #शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में मां लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर अपने कर-कमलों में वर और अभय लिए निशिद काल में पृथ्वी पर भ्रमण करती है। #माता यह देखती है कि कौन जाग रहा है?
यानी अपने कर्तव्‍यों को लेकर कौन जागृत है? जो इस रात में जागकर मां #लक्ष्मी की उपासना करते हैं, मां उन पर असीम कृपा करती है।
🚩वैज्ञानिक भी मानते हैं कि #शरद पूर्णिमा की रात स्वास्थ्य व सकारात्मकता देने वाली मानी जाती है क्योंकि #चंद्रमा धरती के बहुत समीप होता है। #शरद पूर्णिमा की रात चन्द्रमा की किरणों में खास तरह के लवण व विटामिन आ जाते हैं। पृथ्वी के पास होने पर इसकी किरणें सीधे #जब खाद्य पदार्थों पर पड़ती हैं तो उनकी #क्वालिटी में बढ़ोतरी हो जाती है।
🚩#शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सुबह उठकर व्रत करके अपने #इष्ट देव का पूजन करना चाहिए। #इन्द्र और महालक्ष्मी जी का पूजन करके घी का दीपक जलाकर, गंध पुष्प आदि से पूजन करना चाहिए। #ब्राह्मणों को खीर का भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान दक्षिणा प्रदान करनी चाहिए।
🚩#लक्ष्मी प्राप्ति के लिए इस व्रत को विशेष रूप से किया जाता है। कहा जाता है कि #इस दिन जागरण करने वाले की धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
🚩#शरद पूनम की रात को क्या करें, क्या न करें ?
🚩#अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं । जो भी इन्द्रियाँ शिथिल हो गयी हों, उनको पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चाँदनी में खीर रखना और भगवान को भोग लगाकर अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना कि #‘हमारी इन्द्रियों का बल-ओज बढ़ायें ।’ फिर वह खीर खा लेना ।
🚩इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है ।
🚩#शरद पूनम दमे की बीमारी वालों के लिए वरदान का दिन है । #संत श्री आशारामजी आश्रमों में #निःशुल्क औषधि मिलती है, वह चन्द्रमा की चाँदनी में रखी हुई खीर में मिलाकर खा लेना और रात को सोये नहीं तो इसको खाने से दमा की #बीमारी निकल जायेगी ।
🚩#चन्द्रमा की चाँदनी गर्भवती महिला की नाभि पर पड़े तो गर्भ पुष्ट होता है । #शरद पूनम की चाँदनी का अपना महत्त्व है लेकिन बारहों महीने चन्द्रमा की चाँदनी गर्भ को और औषधियों को पुष्ट करती है ।

🚩#अमावस्या और पूर्णिमा को चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है । जब चन्द्रमा इतने बड़े दिगम्बर समुद्र में उथल-पुथल कर विशेष कम्पायमान कर देता है तो हमारे शरीर में जो जलीय अंश है, सप्तधातुएँ हैं, #सप्त रंग हैं, उन पर भी #चन्द्रमा का प्रभाव पड़ता है । इन दिनों में अगर काम-विकार भोगा तो विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी हो जाती है और यदि उपवास, व्रत तथा सत्संग किया तो तन तंदुरुस्त, मन प्रसन्न होता है।
🚩#खीर को बनायें अमृतमय प्रसाद...
🚩#खीर को रसराज कहते हैं । सीताजी को अशोक वाटिका में रखा गया था । रावण के घर का क्या खायेंगी सीताजी ! तो इन्द्रदेव उन्हें खीर भेजते थे ।
🚩खीर बनाते समय घर में चाँदी का गिलास आदि जो बर्तन हो, आजकल जो मेटल (धातु) का बनाकर चाँदी के नाम से देते हैं वह नहीं, असली चाँदी के बर्तन अथवा असली सोना धोकर खीर में डाल दो तो उसमें रजतक्षार या सुवर्णक्षार आयेंगे । लोहे की कड़ाही अथवा पतीली में खीर बनाओ तो लौह तत्त्व भी उसमें आ जायेगा ।
🚩#इलायची, खजूर या छुहारा डाल सकते हो लेकिन बादाम, काजू, पिस्ता, चारोली ये रात को पचने में भारी पड़ेंगे । #रात्रि 8 बजे महीन कपड़े से ढँककर चन्द्रमा की चाँदनी में रखी हुई खीर 11 बजे के आसपास भगवान को भोग लगा के प्रसादरूप में खा लेनी चाहिए । लेकिन देर रात को खाते हैं इसलिए थोड़ी कम खाना ।
सुबह गर्म करके भी खा सकते हो ।
(खीर दूध, चावल, मिश्री, चाँदी, #चन्द्रमा की चाँदनी - इन पंचश्वेतों से युक्त होती है, अतः सुबह बासी नहीं मानी जाती ।)
🚩भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं,#'पुष्णामि चौषधीः सर्वाः सोमो भूत्वा रसात्मकः।।'
🚩अर्थात रसस्वरूप अमृतमय #चन्द्रमा होकर सम्पूर्ण औषधियों को अर्थात वनस्पतियों को पुष्ट करता हूं। (गीताः15.13)
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