Saturday, February 16, 2019

सोशल मीडिया में फैसले की बहस के कारण जज दबाव में आ जाते हैं : जस्टिस सीकरी

16 फरवरी  2019
🚩आपने सुना होगा कि किसी बड़ी हस्ती के खिलाफ या उसके पक्ष में फैसला देना होता  है तो मीडिया ट्रायल चालू हो जाता है और उसके कारण जज दबाव में आकर पक्ष या विपक्ष में फैसले सुना देते हैं, ऐसे हमने कई मामले देखे हैं । अभी हाल ही में देखें तो जोधपुर कोर्ट में सलमान खान को सजा हुई तो उसके पक्ष में बोलना शुरू कर दिया जिसका परिणाम यह हुआ कि उसे सजा होने के बाद भी जमानत मिल गई और वहीं दूसरी ओर जोधपुर कोर्ट में हिन्दू संत आसाराम बापू करीब 6 साल से जेल में हैं पर अभीतक जमानत नहीं मिली क्योंकि जमानत अर्जी लगते ही मीडिया उनके खिलाफ ट्रायल शुरू कर देती है क्योंकि वे धर्मान्तरण, विदेशी कम्पनियों के विरोध और हिन्दू संस्कृति के हित में कार्य कर रहे थे और ऐसे कई उदाहरण मिल जायेंगे जिसमें देश, संस्कृति हित के कार्य करने वालों के खिलाफ मीडिया उल्टा-सीधा  बोलती है और देश, संस्कृति के खिलाफ कार्य करने वालों का समर्थन करती है ।

🚩पहले भी कई जज मीडिया ट्रायल के खिलाफ बोल चुके हैं और अभी हाल ही में सोशल मीडिया को लेकर जज साहब का बयान आया है ।
🚩सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी ने रविवार को कहा कि डिजिटल दौर में न्यायपालिका दबाव में है । उन्होंने कहा कि कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले ही लोग सोशल मीडिया पर यह बहस शुरू कर देते हैं कि फैसला क्या होना चाहिए और यह बात न्यायाधीशों पर भी प्रभाव डालती है ।
🚩जस्टिस सीकरी लॉ एसोसिएशन एंड द पैसेफिक कॉन्फ्रेंस के दौरान "डिजिटल युग में प्रेस की आजादी' विषय पर बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि प्रेस की आजादी आज नागरिक और मानवाधिकारों को बदल रही है और मीडिया ट्रायल का मौजूदा स्वरूप इसका उदाहरण है ।
🚩जस्टिस सीकरी ने कहा, "मीडिया ट्रायल पहले भी होेते थे, लेकिन आज यह हो रहा है कि जब एक याचिका दायर की जाती है, तब कोर्ट की सुनवाई से पहले ही लोग यह बहस करने लग जाते हैं कि फैसला क्या होना चाहिए । फैसला क्या है इस पर नहीं, बल्कि फैसला क्या होना चाहिए और मैं आपको अपने अनुभव के आधार पर यह बताना चाहूंगा कि इसका असर एक जज किस तरह से फैसला करेगा, इस पर पड़ता है ।'
🚩जस्टिस सीकरी ने कहा, "कुछ साल पहले यह हमेशा एक सोच रहती थी कि एक बार सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट या किसी भी कोर्ट द्वारा फैसला दे दिया जाता था, तब इसकी आलोचना का पूरा अधिकार है, लेकिन आज उस न्यायाधीश के खिलाफ भी अपमानजनक और मानहानि वाले बयान दिए जाते हैं । और अभी भी इस पर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कहा जाता । कोर्ट की अवमानना की ताकत का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता है ।'
🚩वकील भी एक्टिविस्ट बनने लगे हैं- एएसजी दीवान
एडिशनल सॉलिसीटर जनरल माधवी गोराडिया दीवान ने सोशल मीडिया पर कहा- आज न्यूज और फेक न्यूज, न्यूज और विचार, नागरिकों और पत्रकारों के बीच का फर्क बहुत धुंधला हो गया है । ट्विटर के विस्तार के साथ वकील भी अब एक्टिविस्ट बन गए हैं, लेकिन एक्टिविस्ट बनने और स्टारडम की दौड़ में किसी को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए ।
🚩दीवान ने कहा- कभी भी एक्टिविस्ट बनने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब कोई उन मामलों में खड़ा हो रहा हो, उन पर बहस कर रहा हो और सुनवाई के तुरंत बाद ट्वीट कर रहा हो तो यह आपकी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ टकराव पैदा कर सकता है ।
🚩जज साहब से हम पूर्ण सहमत है कि सोशल मीडिया पर ऐसी प्रतिक्रिया देने से जज पर दबाव बनाता है पर जब कोई जज गलत जजमेंट देता है सालों तक निर्दोष को जेल में रखा जाता हो तो उसका जिम्मेदार कौन ?
यदि सेशन कोर्ट किसी निर्दोष को उम्रकैद की सजा सुना देती है फिर सालों बाद ऊपरी कोर्ट से निर्दोष बरी होता है तो निर्दोष होने पर भी उसे सालों तक जेल में रखा, उसकी संपत्ति गई, इज्जत गई, उसका समय गया उसकी भरपाई कौन करेगा, जैसे तलवार दंपति के केस में हुआ उसका जिम्मेदार कौन ?
🚩किसी निर्दोष पुरुष पर कोई झूठा मुकदमा करता है उसको सालों तक जेल में रखा जाता है जमानत तक उसे नसीब नहीं होती तो जिम्मेदार कौन है ? न्याय देना जज साहब का ही काम है और जब न्याय न मिले तो लोग प्रतिक्रिया तो देंगे ही ।
🚩हिन्दू संत आसाराम बापू के लिए 5 साल तक ट्रायल चला, लेकिन एक दिन भी जमानत नहीं दी गई, आज 6 साल होने को आए हैं पर जमानत नहीं मिल पा रही है जबकि सलमान खान को सजा हुई तो भी जमानत हो गई ऐसे दोगले फैसले आने पर जनता प्रतिक्रिया तो जरूर ही देगी ।
🚩निर्दोष पुरुषों से बदला लेने की भावना या पैसे ऐंठने के लिए कई महिलाएं झूठे मुकदमे कर देती हैं जिससे पुरुषों की इज्जत, पैसे, समय, परिवार सब बर्बाद हो जाता है, उसे जमानत तक नहीं मिलती है सालों तक जेल में रखा जाता है । न्याय नहीं मिलता है, मिलती है तो बस अगली तारीख । इन सब कारणों से ही परेशान होकर जनता सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने शुरू कर देती है ।
🚩श्री राम मंदिर पर तारीख पर तारीख देना, सबरीमाला मंदिर की आस्था के खिलाफ और जलीकट्टू, दहीहांडी, दीवाली आदि हिन्दू त्यौहार के खिलाफ फैसले देने के कारण जनता आक्रोश में आकर  प्रतिक्रिया देने लगती है ।
🚩आतंकवादियों पर फैसले देने के लिए आधी रात को कोर्ट खुलना, और साध्वी प्रज्ञा, शंकराचार्य जी आसाराम बापू, नारायण साईं को सालों जेल में रखना इससे जनता में रोष प्रकट होता है और वही रोष सोशल मीडिया पर  उजागर हो जाता है ।
🚩अतः जज साहब को न्याय जल्दी देना चाहिए निर्दोषों को सजा न दें और किसी भी धर्म की आस्था पर चोट न करें तो सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया बंद हो सकती है ।
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Friday, February 15, 2019

आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं ? उसे खत्म करने के कारगर उपाय कैसे करें ?

15 फरवरी  2019

*🚩जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक भीषण फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये और कई अन्य जवान बुरी तरह घायल हो गये । जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी । यह हमला आतंकी आदिल अहमद उर्फ ​​वकास कमांडो ने किया । पिछले साल ही जैश में भर्ती होने वाला आदिल कश्मीर के गुंदीबाग काकपोरा का रहने वाला था । बता दें कि पिछले साल जम्मू कश्मीर में 191 स्थानीय युवा विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े । इस तरह 2017 की तुलना में 65 और युवाओं ने पिछले साल आतंक का रास्ता अपनाया ।*

*🚩सबसे ज्यादा अशांत दक्षिण कश्मीर क्षेत्र के युवा आतंकी संगठनों से जुड़ रहे हैं । आतंकवाद से जुड़ने वाले अधिकतर युवा दक्षिण कश्मीर के जिले पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग के हैं । जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों में सबसे ज्यादा आतंकी जुड़ रहे हैं । बता दें कि वर्ष 2016 के बाद से आतंक से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है ।*
*🚩आतंकी हमले की सभी निंदा कर रहे हैं, लेकिन इसे जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अभीतक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया, जबकि आतंकी रास्ता क्यों चुनते हैं, उसके लिए कौन जिम्मेदार है इन सबकी ठोस जानकारी होने के बाद ही उसे जड़ से खत्म किया जा सकता है ।*

*🚩बता दें कि मदरसों में दी जा रही कट्टरपंथी की शिक्षा के कारण ही आज कई युवा आतंकवादी बन रहे हैं, सबसे पहले तो इसपर बैन लगाना चाहिए ।*

*🚩दूसरा पाकिस्तान में आज भी काफी आतंकी संगठन हैं, उसे खत्म करना होगा उसमें से*
*अभी जम्मू-कश्मीर में मुख्य रूप से 10 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय हैं । इन पर भारत सरकार ने बैन लगाया हुआ है, लेकिन अभी तक इनका सफाया नहीं किया है ।*


*🚩पढ़िए कश्मीर के आतंकी संगठनों के बारे में:*

*🚩1. जैश-ए-मोहम्मद*

*इसी संगठन ने सीआरपीएफ के जवानों पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है । इसका मुखिया मौलाना मसूद अजहर है । दिसंबर 1999 में अपहृत भारतीय विमान IC 814 के यात्रियों को बचाने के लिए मसूद अजहर को अफगानिस्तान के कंधार में छोड़ा गया था । इसके बाद फरवरी 2000 में मसूद अजहर ने हरकत-उल-मुजाहिदीन को बांटकर जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की । मसूद अजहर को भारतीय अधिकारियों ने 1994 में कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन का सदस्य होने के आरोप में श्रीनगर से गिरफ्तार किया था । अपनी स्थापना के दो महीने के भीतर ही जैश-ए-मोहम्मद ने श्रीनगर में बदामी बाग स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी । जैश संसद भवन (2001) और पठानकोट एयर बेस (2016) पर हमले का भी जिम्मेदार है । पाकिस्तान ने जैश ए मोहम्मद पर 2002 में ही प्रतिबन्ध लगा दिया था, मसूद के बारे में कहा जाता है उसने पकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में अपना ठिकाना बना रखा है ।*

*🚩2. लश्कर-ए-तैयबा उर्फ जमात उद दावा*

*इस आतंकी संगठन का मुखिया हाफिज सईद है । इसी संगठन ने 2005 में दिल्ली बम धमाके और 2008 में मुंबई हमले को अंजाम दिया था । 1990 के दिनों से ही इस संगठन को कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान और आईएसआई का पूरा समर्थन प्राप्त है । माना जाता है कि इस संगठन के सदस्य हजारों की संख्या में हैं। भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर अमेरिकी सरकार ने 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है । समाचार एजेंसी रॉयटर्स की 2002 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जमात-उद-दावा का मुख्यालय लाहौर के पास मुरीदके में 190 एकड़ में फैला हुआ है ।*

*🚩3. हिजबुल मुजाहिदीन*

*आतंकी सैयद सलाहुद्दीन हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख होने के साथ-साथ जिहाद काउंसिल का चेयरमैन भी है । सैयद सलाहुद्दीन ने साल 1987 में मुस्लिम मुताहिदा महज की तरफ से चुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गया।  इसके बाद वह कश्मीर में आतंक फैलाने लगा । साल 1994 सैयद पाकिस्तान पहुंचा, जहां उसने कश्मीर की आजादी के नाम पर मासूम लोगों का खून बहाना शुरू कर दिया । अमेरिका ने 2017 में उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी करार दिया है । हिजबुल मुजाहिदीन ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें साल 2014 के अप्रैल महीने में हुए धमाके भी शामिल हैं जिसमें 17 लोग जख्मी हुए थे। यह जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा सशस्त्र समूह है।*

*🚩4. हरकत-उल-मुजाहिदीन/हरकत उल अंसार*

*इस संगठन की स्थपाना 1980 के दशक में हुई। रूस-अफगान युद्ध खत्म होने के बाद इस संगठन के लड़ाकों ने कश्मीर की ओर रुख किया। 1993 में इसी से एक और आतंकी हरकत उल अंसार का जन्म हुआ। मौलाना मसूद अजहर इसी संगठन में पहले महासचिव था। संगठन बनने के बाद ही इसके सदस्य सज्जाद अफगानी, मौलाना मसूद अजहर और नसरुल्लाह मंसूर लंगरयाल को गिरफ्तार कर लिया गया। अपने नेताओं को छुड़ाने के लिए इस संगठन ने 1995 के जुलाई माह में कई विदेशी सैलानियों का अपहरण किया था जिनकी बाद में हत्या कर दी गयी थी।*

*🚩5. अल उमर मुजाहिदीन*

*इस संगठन का मुखिया मुश्ताक अहमद जरगर है। इस आतंकी को कंधार विमान अपहरण कांड के बाद भारत ने मसूद अजहर के साथ छोड़ा था। इस आतंकी संगठन ने 2016 में श्रीनगर के जकूरा में सशस्त्र सीमा बल के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। ये हमला उस समय हुआ जब एसएसबी की टीम उनकी ड्यूटी से लौट रही थी।*

*🚩6. जम्मू-कश्मीर इस्लामिक फ्रंट*

*इस संगठन ने वर्ष 1996 में लाजपत नगर मार्केट में बम विस्फोट किया था। इस धमाके में 13 लोगों की जान चली गई थी जबकि 38 लोग घायल हुए थे। इसके तीन सदस्यों मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद अली भट्ट और मिर्जा निसार हुसैन को दिल्ली की एक अदालत ने साल 2010 में फांसी की सजा सुनाई थी।*

*🚩7. अल कायदा*

*साल 2014 में अल कायदा के नेता आयमन अल जवाहिरी ने वीडियो संदेश में भारतीय उपमहाद्वीप में अपने संगठन की शाखा के गठन की घोषणा की थी। इस संगठन का नाम रखा गया अंसार गजावत-उल-हिंद। इस संगठन का नेतृत्व जाकिर मूसा कर रहा है। अल कायदा का गठन 1988 में पाकिस्तान के शहर पेशावर में हुआ था। अफगानिस्तान और पाकिस्तान का सीमावर्ती इलाके इसके जाने-माने गढ़ रहे हैं। इसी संगठन ने साल 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को विमान से उड़ा दिया था। इसके बाद अमेरिकी कार्रवाई में साल 2011 में इसका मुखिया ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में मारा गया।*

*🚩8. इस्लामिक स्टेट*

*बता दें कि सीरिया और इराक में आतंक का पर्याय बन चुका इस्लामिक स्टेट ने साल 2017 में पहली बार जम्मू-कश्मीर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। पिछले साल ही श्रीनगर के जामा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद कुछ नकाबपोश लोगों ने आईएस का झंडा लहराया। हालांकि इस संगठन के सांगठनिक ढांचे के बारे में कोई खबर नहीं है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो साल के दौरान सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए श्रीनगर के दो आतंकियों के शव आईएस और अलकायदा के झंडों में लिपटे थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुगीस अहमद मीर के अंतिम संस्कार के बाद उनके रिश्तेदारों ने ये बात मानी कि वो आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित था।*

*🚩9. तहरीक उल मुजाहिदीन*

*'कश्मीर की आजादी' के मकसद से तहरीक-उल-मुजाहिदीन 1990 में अस्तित्व में आया था। कुछ दिनों पहले ही इस संगठन को केंद्र सरकार ने बैन किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए, जिसमें पाया गया कि टीयूएम ने कई आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में बड़ी भूमिका निभाई। उसके कई सदस्यों को गिरफ्तार भी किया गया है। इन मामलों में पाया गया कि कश्मीरी युवकों के लिए यह आतंकी संगठन कई प्रशिक्षण केंद्र चला रहा है और इसके जरिए जम्मू-कश्मीर से और अधिक युवकों को इसमें शामिल किये जाने की संभावना है।*

*🚩10. अल-बदर*

*इसी साल जनवरी महीने में सुरक्षा बलों ने यारीपोरा (कुलगाम) मुठभेड़ में अल-बदर के चीफ कमांडर जीनत उल इस्लाम को मार गिराया था । आतंकी जीनत आईईडी बनाने में माहिर था और दर्जनों आतंकी वारदातों में वांछित भी था । पिछले कुछ सालों में कई स्थानीय युवाओं ने इस संगठन को ज्वाइन किया है । इसके अलावा कश्मीर में दीनदार अंजुमन, जमीयत उल मुजाहिदीन और दुख्तरान-ए-मिल्लत जैसे संगठन भी सक्रिय हैं ।*

*🚩पाकिस्तान में आज भी आतंकवादियों के करीबन 66 संग़ठन चल रहे हैं, फिर भी वहाँ की सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है । उनका मकसद है भारत देश विरोधी कार्य करना । हाफिज सईद, मसूद अजहर आदि के संग़ठन तो हमेशा से भारत को तोड़ने का सपना देख रहे हैं, हमेशा भारत पर उनकी निगाहें रहती हैं, किस तरह भारत को तोड़ा जाये और पूरे भारत में आतंकवाद छाया रहे ।*

*इन आतंकवादियों पर वहाँ की सरकार कार्यवाही न भी करें तो भारत सरकार को रणनीति बनाकर वहीं जाकर उनके सभी आतंकवादियों के संगठन खत्म कर देने चाहिए जिससे हमारा भारत देश सुरक्षित रहे हमारे देश की सुरक्षा करने वाले जवानों पर हमला न हो ।*

*🚩सरकार को कश्मीर में भारत-विरोधी भावनाओं पर काबू पाने के लिए मस्जिदों, मदरसों और कुछ मीडिया पर नियंत्रण रखना होगा तभी संभव हो सकता है क्योंकि मदरसों में आतंकी बनने की शिक्षा दी जा रही है और मीडिया उनका स्पॉट भी कर रही है तो इनको पूरी तरह से नियंत्रित करना होगा ।*

*🚩कश्मीर में अलगावादी नेता जो आतंकवादीयों को सहयोग कर रहे है उनको भी खत्म करना होगा या जेल भेजना होगा तभी कश्मीर सुरक्षित रहेगा ।*

*🚩भारत का खाकर भारत के खिलाफ बोलने वाले काम करने वाले, देशविरोधी लोगो का साथ देने वाले गद्दारों का भी सफाया करना होगा तभी देश सुरक्षित रहेगा और हमारे जवान बच जायेंगे ।*

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Tuesday, February 12, 2019

भारत की जनता : हम 14 फरवरी का कर रहे हैं बेसब्री से इंतजार

12 फरवरी  2019
www.azaadbharat.org
🚩अधिकतर युवक-युवतियों को 14 फरवरी का नाम सुनते ही वेलेंटाइन डे याद आता है, क्योंकि टीवी, मीडिया, अखबार, सोशल मीडिया आदि में इसका खूब प्रचार करवाया जाता है लेकिन इस बार देश की जनता का कुछ अलग ही मूड है, आज ट्वीटर पर एक हैशटैग द्वारा हजारों लोग ट्वीट करके अपनी बात रख रहे थे, जिसमें उनका कुछ इस प्रकार का कहना था...
🚩आइये देखे कुछ नमूने :


🚩1. गार्गी पटेल लिखती है कि हाय डैड हाय माॅम सुनने वाले लोगों के संतान जब पहली बार मातृ - पितृ पूजन दिवस मनाते हैं ,तो उनके आँखो से सहज ही  प्रेमाश्रु आ जाते हैं। इसलिए हम सभी इस पावन दिवस का इंतजार करते हैं। #Waiting4ParentsWorshipDay  initiated by Sant Shri Asaram Bapu Ji
https://twitter.com/gargi088/status/1095323923548229632?s=19
🚩2. संदीप ने लिखा कि मातृ-पितृ पूजन दिवस विश्व का एकमात्र ऐसा पर्व है जो सभी धर्मों द्वारा समान रूप से मनाया जाता है और इसे मनाकर हृदय प्रेम व आनंद से भर जाता है, तो लोग क्यों न करें इसका बेसब्री से इंतजार। #Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/sandeeptrue1988/status/1095147182074675200?s=19
🚩3. प्रेम चौधरी लिखते है कि भारत जो विश्व में अपनी संस्कृति और संतों के लिए प्रसिद्ध है । उस देश में पाश्चात्य सभ्यता की गन्दगी न आने पाये इसके लिए हर हिंदुस्तानी का कर्तव्य बनता है कि वो भी वैलेंटाइन डे न मनाकर #मातृपितृ_पूजन_दिवस अवश्य मनाएं।
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/premchaudhary_/status/1095323776009424896?s=19
🚩4. जागो हिंदस्तानी के हैन्डल से बताया कि
अब गांव- गांव शहर- शहर मातृ-पितृ पूजन दिवस की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। Sant Shri Asaram Bapu Ji के द्वारा 14 फरवरी को जो" मातृ-पितृ पूजन दिवस" का शंखनाद किया है उसकी गूंज चारो तरफ फैल चुकी है।#Waiting4ParentsWorshipDay https://twitter.com/jagohindustani_/status/1095325314551431169?s=19
🚩5. अच्युत ने लिखा कि 14 फरवरी को दिग्भ्रमित युवा वैलेंटाइन डे मनाकर अपनी संस्कृति को हानि पहुचाते हैं,इसकी पीड़ा Sant Shri Asaram Bapu Ji से सहन नही हुई और उन्होंने 14 फरवरी को 'मातृ पितृ पूजन दिवस' पर्व का शंखनाद किया। #Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/Pryamvada07/status/1095147758258860032?s=19
🚩6. आर्यवर्त ने बताया कि माता-पिता की सेवा और उनकी आज्ञा पालन से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।
माता ममत्व एवं पिता अनुशासन के प्रत्यक्ष देवता होते हैं।
'मातृ देवो भव,पितृ देवो भव' कहते है।
माता-पिता को प्रत्यक्ष देवता मानकर उनकी सेवा भक्ति करने का उपदेश हमारे शास्त्रों में हैं।
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/Aryavrta/status/1095123410613465088?s=19
🚩7. दीपिका लिखती है कि माता पिता हमारे प्रथम गुरु है। माता पिता हमारे भगवान है। लोग माता पिता का महत्व समझें और सम्मान करें इसके लिए Sant Asaram Bapu Ji ने 'मातृ पितृ पूजन दिवस' की शुरुआत की।
#TuesdayThoughts
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/dipika525/status/1095132434683723777?s=19
🚩8. ब्रज मोहन ने लिखा है कि पूजन करू मैं मात पिता का भजन सुनकर भावुक हुए माता पिता बोले सच मे बहुत प्रभावित करने वाला है ये दिवस।
आइये आप और हम भी 14 फरवरी को मातृ -पितृ पूजन दिवस बनाए।
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/BrajmohanMalvi/status/1095125798300708864?s=19
🚩9. परंचितब ने लिखा कि समाज में युवावर्ग का चारित्रिक पतन होते देख मानवमात्र के परम हितैषी करुणानिधी Sant Shri Asaram Bapu Ji ने एक अनूठी मुहिम की तरफ युवाओं को आकर्षित किया,जो है मातृ पितृ पूजन दिवस!जिसका देश-विदेश की सभी सम्मानीय एवं प्रतिष्ठित हस्तियों ने स्वागत किया है!
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/pranchitb25/status/1094911619853967364?s=19
🚩10. मुकेश सोनी ने लिखा कि देखो Sant Shri Asaram Bapu Ji का प्रताप, पृथ्वी पर पुनः दिव्यता छाई।
कलयुग के मध्य में सतयुग ने आभा फैलाई।
वासना के अंध वैलन्टाइन को ठुकराकर,
पुण्य-संतानों ने मातृ-पितृ पूजन दिवस की ज्योति जलाई।
#Waiting4ParentsWorshipDay
https://twitter.com/Mukeshsoni1982/status/1095331113579405320?s=19
🚩इस तरह से हैशटैग #Waiting4ParentsWorshipDay को लेकर हजारों लोग ट्वीट कर रहे थे और बता रहे थे कि हम 14 फरवरी को  वेलेंटाइन डे नही बल्कि मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाएंगे ।
आपको बता दें कि भारत में अपने व्यापार का स्तर बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कम्पनियां वैलेंटाइन डे की गंदगी यहाँ लेकर आई हैं और वे ही कम्पनियां मीडिया को पैसे देकर वैलेंटाइन डे का खूब जोरों-शोरों से प्रचार-प्रसार करवाती हैं जिसके कारण उनका व्यापार लाखों- करोड़ों और अरबों में नहीं वरन खरबों में हो जाता है ।
🚩भारत में इसके भयंकर परिणाम देखे बिना ही वैलेंटाइन डे मनाना शुरू कर दिया गया जबकि कई रिकार्ड्स के आधार पर देखा जाए तो विदेशों में वैलेंटाइन डे मनाने के भयावह परिणाम सामने आए हैं ।
दूसरी ओर शास्त्रों में लिखा है कि
'जो माता-पिता और गुरुजनों को प्रणाम करता है और उनकी सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश और बल चारों बढ़ते हैं ।' (मनुस्मृतिः 2.121)
🚩अब देश के युवक-युवतियों को विदेशी गंदगी का त्याग करके अपनी संस्कृति को अपनाना चाहिए, इसलिए 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे नही बल्कि मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाना चाहिए।
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