Monday, May 7, 2018

दुर्भाग्यपूर्ण : भारतवासी महान परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का जन्मदिन ही भूल गए

07 May 2018

🚩परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी ने चिकित्साशास्त्र की पढाई पूरी करने के पश्‍चात वर्ष 1971 से 1978 तक ब्रिटेन में उच्च शिक्षा प्राप्त कर, सम्मोहन उपचार-पद्धति के विषय में शोध किया । इस शोध में उन्होंने, अनुचित कृत्यों का बोध तथा उनपर नियंत्रण (मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया पद्धति; साइको-फीडबैक टेक्निक), अनुचित प्रतिक्रियाआें के विरुद्ध उचित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करना (प्रतिक्रिया प्रतिस्थापना पद्धति; रिस्पॉन्स सब्स्टीट्यूशन टेक्निक), घटना का मन में पूर्वाभ्यास करना (सम्मोहक विसुग्राहीकरण पद्धति; हिप्नोटिक डिसेंसिटाइजेशन टेक्नीक); आदि सम्मोहन-उपचार से संबंधित नई पद्धतियों को प्रस्तुत किया ।
Unfortunate: India's greatest superhero guru,
Dr. Athavaleji's birthday was forgotten

🚩परात्पर गुरु डॉ आठवले जी ने बताया कि ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना केवल हिन्दुओं के लिए ही नहीं अपितु संपूर्ण मानवजाति के लिए ही आवश्यक है । हिन्दू राष्ट्र अर्थात ‘आदर्श राष्ट्र’ ही है । इसलिए उसका लाभ भारत की जनता को तो होगा ही; परंतु साथ ही हिन्दू राष्ट्र के कारण विश्व में हिन्दू धर्म का प्रसार करना सरल होगा । इससे संपूर्ण मानव जाति को अध्यात्म एवं साधना ज्ञात होगी, जिससे उनकी आध्यात्मिक प्रगति मे भी सहायता होगी । फलस्वरूप पृथ्वी पर सात्त्विक वातावरण उत्पन्न होगा एवं संपूर्ण मानवजाति सुखी होगी !’ 

🚩परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी हिन्दू राष्ट्र के प्रखर समर्थक हैं । वर्ष 1998 से परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ग्रंथसंकलन; सनातन प्रभात के लिए राष्ट्र और धर्म संबंधी लेखन करना; विविध संत, संप्रदाय, हिन्दुत्वनिष्ठ, देशभक्त और सामाजिक कार्यकर्ताआें का दिशादर्शन करना; ब्राह्मतेज से युक्त संत बनाना आदि माध्यमों से अथक रूप से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना का कार्य कर रहे हैं । परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के विचारों से प्रेरित होकर 7 अक्टूबर 2002 को हिन्दू जनजागृति समिति की स्थापना हुई । धर्मशिक्षा, धर्मजागृति, धर्मरक्षा, राष्ट्ररक्षा, हिन्दू-संगठन आदि द्वारा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना का कार्य करना, समिति का ध्येय है ।

*🚩धर्मशिक्षा*

🚩हिन्दुओं की वर्तमान दु:स्थिति के पीछे धर्मरक्षा का अभाव यही मूल कारण है ! प्रत्येक हिन्दू में धर्माभिमान जागृत होने हेतु धर्मशिक्षा आवश्यक है । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा देकर उसके द्वारा धर्माचरण कर उन्हें संगठित करने की आवश्यकता है। इसलिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा धर्मशिक्षा वर्ग का आयोजन किया जाता है । हिन्दुओं की भावी पीढी को सुसंस्कारित और धर्मशिक्षित बनाने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से बालसंस्कारवर्ग लिए जाते हैं ।

*🚩सनातन संस्था की स्थापना*

🚩परात्पर गुरु डॉ. आठवले को अध्यात्म की श्रेष्ठता ज्ञात होनेपर उन्होंने अध्यात्मप्रसार के लिए अपने सद्गुरु परम पूज्य भक्तराज महाराज के आशीर्वाद से सनातन संस्था की स्थापना की ।

*🚩हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के प्रेरणास्रोत*

🚩परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सनातन प्रभात नामक नियतकालिकों का प्रकाशन आरंभ किया है । उनके मार्गदर्शन से अनेक लोग, हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए संगठित होकर कार्य कर रहे हैं । हिन्दुत्ववादी संगठनों को भी उनसे प्रेरणा मिलती है ।

*🚩आध्यात्मिक शोध* 

🚩परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने विपुल शोधकार्य किया है; उदाहरणस्वरूप, आध्यात्मिक कष्ट का आध्यात्मिक उपचार; हिन्दुआें के आहार, वेशभूषा, धार्मिक कृत्य आदि से व्यक्ति को होनेवाले लाभ इत्यादि ।

*🚩अध्यात्म विश्‍वविद्यालय की स्थापना*

🚩प्राचीन काल में तक्षशिला, नालंदा आदि विश्‍वविद्यालयों के माध्यम से वेद, शास्त्र, कला, तत्त्वज्ञान आदि का प्रचार होता था । अब उस धार्मिक ज्ञान का प्रसार करने के लिए परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में अध्यात्म विश्‍वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है ।
पूरे संसार में भौतिक शिक्षा देनेवाले अनेक विद्यापीठ हैं, परंतु परिपूर्ण अध्यात्मशास्त्र और ईश्‍वरप्राप्ति की शिक्षा देनेवाला एक भी विद्यापीठ नहीं है । इसलिए 22.3.2014 को परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने गोवा में ‘महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय’ स्थापित किया है ।

🚩इतने महान कार्य करने वाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को आज देश ने भुला दिया लेकिन जो हमे चरित्रहीन बनाते है ऐसे हीरो-हीरोइन के जन्मदिन याद रखते है, हम ही हमारे धर्म की खाई खोद रहे है और देश को पतन की तरफ ले जा रहे है ।

🚩आज़ाद भारत की तरफ से परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के जन्मदिन की खूब-खूब हार्दीक शुभकामनाएं ।

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