Thursday, September 8, 2016

कश्मीरी अलगाववादी नेता देश के पैसे से देश-विदेश में मौज उड़ाते हैं

🚩सरकार के खर्चे पर 'मौज' उड़ाते हैं अलगाववादी नेता...!!!
🚩सरकारी सुविधाओं के सहारे कश्मीरी अलगाववादी नेता देशभर में वीआईपी ट्रीटमेंट पाते हैं और सरकारी पैसे पर देश विदेश में मौज उड़ाते हैं।
🚩जनता को शायद ही इस बात का अंदाजा होगा कि जो सुविधाएं देश में बड़े बड़े नेताओं को नहीं मिल पाती वो सरकार ने कश्मीर में इन अलगाववादियों को दे रखी हैं। 
Jago Hindustani - कश्मीरी अलगाववादी नेता देश के पैसे से देश-विदेश में मौज उड़ाते हैं 
🚩अलगाववादियों की सुरक्षा पर खर्च होते हैं हर साल 100 करोड़ ..!!!
🚩एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार 2010 से 2016 तक केंद्र और राज्य सरकार ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक और मीर वाइज उमर फारुख जैसे अलगाववादी नेताओं पर 600 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए।
🚩यानि औसतन सालाना 100 करोड़ रुपये से ज्यादा केंद्र और राज्य सरकार अलगाववादियों के ऐशो आराम पर खर्च करती है जिसमें से बड़ी रकम इनके आने जाने, होटलों में ठहरने और सुरक्षा व्यवस्‍था पर खर्च की जाती है।
🚩ये खर्चे पिछले छह सालों में अलगाववादियों के होटलों का बिल भरने, उनके देश विदेश के दौरों का खर्चा उठाने और उनकी गाड़ियों में तेल और रख रखाव के लिए खर्च किए गए।
🚩अलगाववादियों की सुरक्षा में सरकार मोटी रकम खर्च करती है। सरकार की ओर से जट सिक्योरिटी पाने वाले मीर वाइज उमर फारुख और सैयद अली शाह गिलानी जैसे नेताओं की सुरक्षा में भी सरकार का काफी खर्चा होता है। 
🚩जानकारी के अनुसार प्रमुख अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा में सालभर लगभग 1500 सुरक्षाकर्मी रहते हैं। 2010 से 2015 तक कश्मीर में अलगाववादियों के घर की सुरक्षा के लिए 18 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा चुका है। 
🚩अलगाववादियों की सुविधा का 90 फीसदी खर्च उठाती है केंद्र सरकार !!
🚩इनकी सैलरी और तमाम खर्चों के तौर पर पिछले पांच सालों में ही सरकार को 309 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। इसके अलावा अलगाववादियों को मिले पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारी) पर भी सरकार ने 150 करोड़ से ज्यादा खर्च किया है। 
🚩उमर फारुख जैसे नेता की सुरक्षा में तो हर समय 20-25 के करीब सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को विशेष सुरक्षा संबंधी खर्चों के लिए पिछले पांच सालों में 7200 करोड़ से ज्यादा रकम दी गई है। 
🚩इसी मद से राज्य सरकार अलगाववादियों को दी जाने वाली सुविधाओं में पैसा खर्च करती है। जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर के कुल 22 जिलों में सरकार ने 669 राजनीतिक और गैर राजनीतिक लोगों को विशेष सुरक्षा दे रखी है। 
🚩इनमें से 294 लोग गैर सूचीकृत हैं। सूत्रों के अनुसार इन्हीं गैर सूचीकृत लोगों में अलगाववादियों का नाम शामिल किया गया है। खास बात ये है कि इस सूची के तमाम लोगों पर सरकार कुल मिलाकर जितना खर्च करती है उससे ज्यादा खर्चा गिने चुने अलगाववादियों पर ही हो जाता है। 
🚩अलगाववादियों पर लगाम कसने की तैयारी में केंद्र सरकार...!!!
🚩जानकारी के अनुसार 1989 से अब तक अलगाववादियों की सुरक्षा में ही सरकार 7 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुकी है। इसके अलावा अलगाववादी नेताओं के इलाज पर भी सरकार मोटा खर्च करती है। 
🚩सूत्रों के अनुसार अपनी बीमारी के चलते कई बार विदेश में इलाज कराने वाले सैयद अली शाह गिलानी का सारा खर्चा सरकार ने ही वहन किया है। खास बात ये है कि अलगाववादियों की मौज मस्ती पर खर्च होने वाली इस रकम का ज्यादातर हिस्सा केंद्र सरकार के जिम्मे ही पड़ता है। 
🚩जानकारों की मानें तो अलगाववादियों पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के पीछे सरकारों का यही मकसद रहा है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों से सामंजस्य बनाकर चलते रहें। तमाम सरकारों की मंशा कश्मीर घाटी में विरोधी धड़ों का नेतृत्व करने वाले अलगाववादियों को जैसे तैसे थामे रखने की रही है जिससे वो विरोध की चिंगारी को और हवा न दें। 
🚩लेकिन कश्मीर में वर्तमान में लगातार बिगड़ते हालातों के बीच मौजूदा सरकार ने इस परिपाटी को तोड़ने की तैयारी कर ली है। जल्द ही इन अलगाववादियों को मिलने वाली सुविधाओं को बंद करने के लिए पीएम मोदी ने भी इसके लिए अपनी सहमति दे दी है।
🚩अहीर ने कहा- अलगाववादियों के साथ आतंकियों जैसा सलूक हो !!
🚩केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने कहा है कि आतंकियों और अलगाववादियों को एक ही चश्मे से देखने की जरूरत है । उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए ।
🚩आगे कहा कि उनको एयर टिकट, होटल, सुरक्षा जैसी जो सुवि‍धाएं दी जा रही हैं, सब वापस होनी चाहिए । केंद्र सरकार इस पर जल्दी फैसला लेगी और 125 करोड़ देशवासी भी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ हैं ।
🚩सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर !!
🚩कश्मीरी अलगाववादियों को मिल रही सरकारी सुविधाओं पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है । एमएल शर्मा नाम के एक वकील ने ये याचिका दायर की है ।
🚩जस्टिस दवे ने याचिकाकर्ता से कहा कि हम इस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार है. दोपहर तक डायरी नंबर लाइए तो हम सुनवाई की तारीख तय करेंगे ।
🚩जो अलगावादी नेता सुविधा के नाम पर देश के करोड़ो रूपये बर्बाद कर रहे है और देश के विरोध में कश्मीर में हिंसा भड़का रहे हैं सरकार और न्यायालय को शीघ्र सुविधा बन्द करके उन्हें जेल भेज देना चाहिए ।
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