Tuesday, April 3, 2018

फेक न्यूज़ पर पत्रकारों की मान्यता रद्द की बात आते ही मीडिया व सेक्यूलर तिलमिला उठे

3 Apr 2018

🚩इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने आज स्वतंत्रता के नाम पर पैसे और टीआरपी के लिए कई बार झूठ परोसना चालू कर दिया है, कहीं की घटना कहीं पर दिखाने लगे हैं । किसी भी न्यूज को अपने फायदे के अनुसार तोड़-मरोड़ कर दिखाते हैं । आज तो डिजिटल युग है उसमें कुछ भी छेड़छाड़ करके दिखाया जाता है , मीडिया आज उसका भरपूर उपयोग कर रही है । उसमें भी कोई हिंदुत्व का मुद्दा हो या कोई हिंदुत्वनिष्ठ हो तो उसके खिलाफ तो झूठी कहानियाँ जमकर दिखाते हैं ।
Media and Secular Tales came in the wake
of the dissolution of journalists on Fake News

🚩झूठी खबरे दिखाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने की गाइडलाइंस जारी करते ही हल्ला बोल शुरू हो गया, सबको पता है कि जब चोर पकड़ने वाला हो उससे पहले ज्यादा ही शोर मचता है ऐसे अभी जो शोर हो रहा है ऐसे ही हो रहा है जब पत्रकारों में सच्चाई है उनको तो किसी बात का डर ही नही होना चाहिए ।

🚩सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को पत्रकारों की मान्यता का संशोधित गाइडलाइन जारी किया। इसमें ‘Fake newa’ से निपटने के लिए कई नए प्रावधानों को शामिल किया गया है। इसमें पत्रकारों की मान्यता खत्म करने जैसे कड़े प्रावधान भी शामिल हैं ।

🚩सरकार की गाइडलाइन मंत्रालय द्वारा जारी बयान मुताबिक अब Fake news  के बारे में किसी तरह की शिकायत मिलने पर यदि वह प्रिंट मीडिया का हुआ तो उसे प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का हुआ तो न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) को भेजा जाएगा। ये संस्थाएं यह तय करेंगी कि न्यूज Fake है या नहीं.’ यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी शिकायत मिलने पर किसी पत्रकार को ज्यादा परेशानी न हो, शिकायत की प्रक्रिया को दोनों एजेंसियों के द्वारा 15 दिन के भीतर निपटाने की व्यवस्था होगी।

🚩इस बारे में खुद सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट पर एक प्रतिक्रिया में कहा है, ‘यह बताना उचित होगा कि Fake news के मामले पीसीआई और एनबीए के द्वारा तय किए जाएंगे, दोनों एजेंसियां भारत सरकार के द्वारा रेगुलेट या ऑपरेट नहीं की जाती हैं।’ 

🚩स्मृति ईरानी ने यह साफ करने की कोशिश की है कि ‘सरकार Fake news की जांच को रेगुलेट या ऑपरेट नहीं करेगी और इसके लिए जो नैतिक आचरण नियम तय किए जाएंगे, वे वही होंगे जो एनबीए और पीसीआई जैसी पत्रकारों की संस्थाओं के हैं।’ 

🚩वरिष्ठ पत्रकार सुहासिनी हैदर ट्वीट करती हैं, ‘ सरकार के आज के आदेश के मुताबिक सजा सिर्फ उन्हें मिलेगी जो मान्यता प्राप्त हैं। उन्हें सिर्फ शिकायत के आधार पर ही दंड दे दिया जाएगा, अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। मुझे नहीं लगता कि यह उचित है Mam’. इस पर सफाई देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, ‘कमिटी में वरिष्ठ अधिकारी, पीसीआई, एनबीए और आईबीएफ के प्रतिनिधि होंगे। जब तक कोई रेगुलेशन नहीं आ जाता, न्यूज पोर्टल्स के लिए नियम लागू नहीं किए जा सकते।’ 

🚩सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘यदि एजेंसियां (PCI या NBA) इस बात की पुष्ट‍ि कर देती हैं प्रकाशि‍त या प्रसारित समाचार Fake यानी फर्जी था, तो ऐसे Fake न्यूज को तैयार या प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार पत्रकारों की मान्यता पहली गलती पर छह माह के लिए निलंबित कर दी जाएगी। दूसरी गलती पर एक साल के लिए निलंबित और तीसरी गलती पर स्थायी रूप से ऐसे पत्रकारों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।’ 

🚩इसको लेकर मीडिया जगत में विरोध के सुर भी शुरू हो गए हैं। इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। 

🚩हालांकि पीएमओ से निर्देश के बाद इन निर्देशों को वापस ले लिया गया है। असल में मौजूदा कानूनों में ही मीडियाकर्मियों द्वारा गुमराह करने वाले या झूठी खबरों पर अंकुश लगाने के पर्याप्त प्रावधान पहले से मौजूद हैं। प्रेस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अखबारों के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और टीवी चैनलों के लिए न्यूज ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन (NBA) जैसे संगठन पहले से ही मौजूद हैं ।

🚩टीआरपी और पैसे के लिए मीडिया जब झूठी खबरे दिखाती है तब कोई नही बोलता है कि झूठी खबरे क्यो दिखाई जैसे ही उनपर लगाम कसने की बात शुरू किया तब हल्ला बोल शुरू कर दिया ।

🚩आज मीडिया की भूमिका अहम है लेकिन कई बार मीडिया ब्लैकमेलिंग का धंधा बनकर रह गई है वो भी हिन्दू संस्कृति को तोड़ने के लिए तो खास । आज की अधिकतर मीडिया देश, सनातन संस्कृति तोड़ने के लिए लगी हुई है ।

🚩सुदर्शन न्यूज़ चैनल के मुख्य सुरेश चव्हाणके ने कई बार बताया है कि अधिकतर मीडिया को # ईसाई मिशनरियों की वेटिकन सिटी और मुस्लिम देश जैसी की अरब, दुबई आदि से फंडिग होती है, जिससे वे हिन्दू संस्कृति तोड़ने के लिए हिन्दुओं की आस्था स्वरूप हिन्दू साधु-संतों के प्रति भारत की जनता के मन में नफरत पैदा करने का काम करते हैं । वे हिन्दुओं के मन में ये डालने का प्रयास करते हैं कि आपके धर्मगुरु तो अपराधी हैं आप हिन्दू धर्म छोड़कर हमारे धर्म में आ जाओ । ये उनकी थ्योरी है । जबकि वे मौलवी और ईसाई पादरियों के कुकर्म नही बताते ।

🚩अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि 'मीडिया के लोग धरती पर मानव जाति में सबसे बेईमान हैं।' 

🚩सरकार को अब मीडिया पर लगाम लगाना जरूरी है नही तो स्वतंत्रता के नाम पर जनता को झूठ न परोसे ।

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