Friday, November 18, 2016

आइसक्रीम खाते हैं तो हो जाइए सावधान !!

🚩#आइसक्रीम खाते हैं तो हो जाइए #सावधान !!
🚩#जबलपुर के विशेषज्ञों ने किया खुलासा...
#नॉनवेज होता है ज्यादातर #आइसक्रीम में !!
🚩अगर आप यह समझते हैं कि सारी आइसक्रीम शुद्ध वेजिटेरियन होती हैं, तो #संभल जाइए।
#मध्यप्रदेश की संस्कारधानी कही जाने वाली सिटी #जबलपुर में विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि बड़े-बड़े #ब्रांड की #आइसक्रीम में #जानवरों की #हड्डियां यानि #जिलेटिन का उपयोग होता है।
🚩#विशेषज्ञों के अलावा #जबलपुर के एक #आइसक्रीम निर्माता का भी स्पष्ट कहना है कि बिना #जिलेटिन आइसक्रीम बन ही नहीं सकती।
Jogo Hindustani - Be carful of eating ice cream

🚩हालांकि कुछ #आइसक्रीम निर्माताओं का दावा है कि उनके सभी फ्लेवर नॉनवेज नहीं हैं।
🚩उनका कहना है कि कई #फ्लेवर वेज भी हैं, लेकिन #आइसक्रीम खाने वाले कभी वेज या नॉनवेज के नाम से आइसक्रीम नहीं मांगते, बल्कि पसंद का फ्लेवर बताते हैं। ऐसे में केवल स्वाद के फेर और जानकारी के अभाव में लोग #मांसाहारी बन रहे हैं।
कई फ्लेवर ऐसे भी हैं, जिनमें #अण्डा मिक्स होता है।
🚩#सरकार को भी पता है कि #आइसक्रीम में #नॉनवेज का उपयोग होता है, इसलिए #आइसक्रीम #निर्माताओं को निर्देश दिए गए कि #आइसक्रीम पैकिंग पर शाकाहारी होने पर ग्रीन निशान और #मांसाहारी होने पर लाल निशान बनाएं, लेकिन स्वाद के फेर में शायद ही कोई हो जो #आइसक्रीम #पैकिंग पर निशान देखता हो।
🚩#स्ट्रॉबेरी, #मैंगो, #वनीला जैसे #आइसक्रीम फ्लेवर को सॉफ्ट बनाए रखने के लिए #जिलेटिन का यूज होता है। जिलेटिन से तैयार होने वाली #आइसक्रीम नॉन-वेजिटेरियन कैटेगरी में शामिल है।
🚩पुराने #ब्राण्ड ज्यादातर #नॉनवेज..!!!
🚩कई पुराने #ब्रांड हैं, जिनकी #आइसक्रीम लोग सबसे ज्यादा खाना पसंद करते हैं। सर्च करने पर पता चला कि वही पुराने #ब्राण्ड #नॉनवेजिटेरियन हैं।
🚩#कैंसर का भी है खतरा..!!! 
🚩#कंपनियां मिक्स कलर के साथ #आइसक्रीम को #खूबसूरत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं, लेकिन जिन कलर से #आइसक्रीम को बनाया जाता है उन रंगों में #कैंसर का खतरा होता है। रंगों को एरोमेटिक अमीन से बनाते हैं इसमें पाई जाने वाली #इम्पोरियटीज से बॉडी में #कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।
🚩#खाने में एक जैसा #स्वाद..!!!
🚩#आइसक्रीम वेज हो या फिर #नॉनवेज, दोनों बनते तो अलग-अलग तरीके से हैं, लेकिन इसके स्वाद में जरा भी फर्क नहीं होता। #आइसक्रीम खाते वक्त यह पहचानना #मुश्किल हो जाता है कि वेजिटेरियन है या फिर #नॉनवेजिटेरियन।
🚩#जिलेटिन, इमरती फायर का उपयोग..!!!
🚩कुछ #आइसक्रीम कंपनी वाले #कस्टर्ड के साथ #जिलेटिन एनीमल फैक्ट्स (#जीव-जंतुओं के हड्डियों का पाउडर) मिलाकर आइसक्रीम तैयार करते हैं। वहीं कुछ #ब्रांड्स का दावा है कि इमरती फायर (#समुद्र के अंदर पाए जाने वाले #पेड़-पौधों से बना पाउडर) का उपयोग कर #आइसक्रीम तैयार की जाती है।
🚩वर्तमान में तैयार हो रही #आइसक्रीम पूर्णत: #वेजिटेरियन नहीं है। #आइसक्रीम बनाने के लिए #जिलेटिन का उपयोग काफी सालों से किया जा रहा है। #आइसक्रीम को गाढ़ा #जिलेटिन से ही किया जाता है।
🚩-प्रो. #केके वर्मा, रिटायर्ड एचओडी, केमेस्ट्री #डिपार्टमेंट, रादुविवि
🚩#नॉन वेजिटेरियन है...!!!


🚩#जिलेटिन जानवरों की हड्डियों से तैयार होता है। इस प्रकार #आइसक्रीम में #कैल्शियम फास्फेट मिला होता है जो कि #नॉन-वेजिटेरियन है। प्रयोगशाला में #कैल्शियम धनायन और #फास्फेट ऋणायन का #परीक्षण कर #आइसक्रीम की जांच की जा सकती है।
🚩-प्रो. #एचबी पालन, रिटायर्ड प्रोफेसर
🚩#आइसक्रीम में निश्चित ही #जिलेटिन का उपयोग किया जाता है। इस आधार पर इसे #नॉनवेजिटेरियन कहा जा सकता है। हां, इतना जरूर है कि #ग्रीन माक्र्ड आइसक्रीम हर्बल प्रोडक्ट से बनती हैं, जो #शाकाहार की श्रेणी में शामिल किए जाते हैं।
🚩-प्रो. #राजलक्ष्मी त्रिपाठी, सहायक अध्यापक आहार एवं पोषण, #होमसाइंस कॉलेज
🚩ये बात सच है कि #आइसक्रीम में #जिलेटिन यूज किया जाता है, परंतु ऐसा नहीं है कि सारी #आइसक्रीम #जिलेटिन से बनती हैं।
🚩-#प्रियदर्शनी शुक्ला, वाडीलाल #आइसक्रीम पार्लर संचालक
🚩अब #आप जब भी #आइसक्रीम खाये तो सावधानी से खाएं ।
कहीं आपको मांसाहार तो नही परोसा जा रहा,इसका ध्यान रख कर खाएं ।
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