Tuesday, November 15, 2016

इयरफोन करते हैं इस्तेमाल तो हो जाइये सावधान !!!

🚩#इयरफोन करते हैं इस्तेमाल तो हो जाइये #सावधान !!!
🚩4 बीमारियाँ आपके #इंतजार में !!
🚩#जीवन में #टेक्नॉलजी की बढ़ती भूमिका अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आई है।
इन्हीं में #शामिल हैं #इयरफोन या #हेडफोन ज्यादा देर तक इस्तेमाल करने से होने वाले खतरे।
🚩अगर आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं तो समय रहते संभल जाएं।
ये केवल आपके कानों को ही नुकसान नहीं पहुँचाता बल्कि ये आपके #शरीर को और भी कई तरह से भी नुकसान पहुँचाता है। 
🚩 #कम सुनाई देना...
🚩लगभग हर #इयरफोन में हाई डेसीबल वेव्स होते हैं। इसका इस्तेमाल करने से आप हमेशा के लिए अपनी #सुनने की क्षमता #खो सकते हैं । इसलिए 90 डेसीबल से अधिक आवाज में गाने न सुनें और #ईयरफोन से गाने सुनने के दौरान समय-समय पर ब्रेक भी लेते रहें। 

Jago hindustani - Beware of using earphone

#इयरफोन्स के लगातार प्रयोग से सुनने की क्षमता 40 से 50 डेसीबेल तक कम हो जाती है। #कान का पर्दा #वाइब्रेट होने लगता है। दूर की आवाज सुनने में परेशानी होने लगती है। यहां तक कि इससे बहरापन भी आ सकता है।
🚩#कान सुन्न होना...
🚩लंबे समय तक #इयरफोन से गाने सुनने से कान सुन्न हो जाता है जिससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता जा सकती है। तेज आवाज में संगीत सुनने से मानसिक समस्याएं तो पैदा होती ही है इससे #हृदय रोग और #कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है़। उम्र बढ़ने के साथ बीमारियां सामने आने लगती है़ यह बाहरी भाग के कान के परदे को #नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ अंदरूनी #हेयरसेल्स को भी तकलीफ पहुँचाता है़ उम्र बढ़ने के साथ बिमारियाँ सामने आने लगती है़।
🚩#कान का संक्रमण...
🚩#इयरफोन से लंबे समय तक गाना सुनने से कान में #इंफेक्शन भी हो सकता है। जब भी किसी के साथ इयरफोन शेयर करें तो उसे #सेनिटाइजर से साफ करना न भूलें।
🚩आपको बता दें कि आमतौर पर #कान 65 डेसिबल की #ध्वनि को ही सहन कर सकता है। लेकिन #इयरफोन पर अगर 90 डेसिबल की ध्वनि अगर 40 घंटे से ज्यादा सुनी जाए तो कान की नसें पूरी तरह डेड हो जाती है।
🚩#डॉक्टरों के अनुसार इनके ज्यादा उपयोग करने से कानों में अनेक प्रकार की समस्याएँ हो सकती है जिनमें कान में छन-छन की आवाज आना,चक्कर आना, सनसनाहट, नींद न आना, सिर और कान में #दर्द आदि मुख्य हैं ।
🚩#दिमाग पर बुरा प्रभाव...
🚩#इयरफोन से लंबे समय तक गाना सुनने से दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। #इयरफोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगे दिमाग के सेल्स को काफी क्षति पहुंचाती हैं। आज लगभग पचास प्रतिशत युवाओं में #कान की समस्या का कारण #इयरफोन्स का अत्यधिक प्रयोग है।
🚩 #इयरफोन्स के अत्यधिक प्रयोग से कान में दर्द, सिर दर्द या नींद न आने जैसी सामान्य समस्याएं हो सकती हैं।
🚩#कैसे बचें...
🚩#इयरफोन का इस्तेमाल कम से कम करने की आदत डालें। अगर आपको घंटों इयरफोन लगाकर काम करना है, तो हर एक घंटे पर #कम से कम 5 मिनट का #ब्रेक लें।
🚩#अच्छी #क्वालिटी के ही #हेडफोन्स या #इयरफोन्स का प्रयोग करें और #इयरबड की बजाय #हेडफोन का प्रयोग करें क्योंकि यह बाहरी कान में लगे होते हैं।
🚩रिसर्च के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन एक घंटे से अधिक वक्त तक 80 डेसीबेल्स से अधिक तेज वॉल्यूम में संगीत सुनता है, तो उसे कम से #कम 5 सालों में सुनने में #कठिनाई से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है या फिर वह #स्थायी रूप से #बहरा हो सकता है।
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