Wednesday, November 2, 2016

बांग्लादेश में 15 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ !

🚩#बांग्लादेश में #15 #हिंदू #मंदिरों में #तोड़फोड़ !
🚩#100 #हिंदू मकानों में लूटपाट !!
सहमे हुए हैं हिंदू !!!
🚩#फेसबुक पर #इस्लाम के प्रति असम्मान प्रदर्शित करने के आरोपों पर #बांग्लादेश में कम से कम 15 #मंदिरों में #तोड़फोड़ की गई।  इससे इस मुस्लिम बहुल देश में अल्पसंख्यक समुदाय हिन्दुओं में दहशत फैल गई है।
🚩#ब्राह्मणबरहिया जिले के #नसीरनगर में #रविवार को #मंदिरों में तोड़फोड़ की गई और 100 #हिंदू मकानों में #लूटपाट भी की गई। #मंदिरों के कई पुजारी भी घायल हुए हैं। #पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार #हबीबगंज के माधबपुर में भी दो #मंदिरों पर हमला किया गया। 
Jago Hindustani - बांग्लादेश में 15 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ !

🚩#ब्राह्मणबरहिया के पुलिस अधीक्षक मिजानुर रहमान ने बताया कि #मंदिरों की ओर से दो शिकायत दर्ज होने के बाद हमने अब तक हमले से सीधे तौर पर जुड़े नौ लोगों को #गिरफ्तार किया है। #रहमान ने कहा कि #ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने वाले युवक को भी हिरासत में लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि #हरीपुर यूनियन परिषद के अंतर्गत आने वाले गांव हरीनबरह के रासराज दास के फेसबुक पोस्ट के बाद #नसीरनगर घटना घटी। 
🚩सहमे हुए हैं #बांग्लादेश के #हिंदू
🚩#बांग्लादेश की #राजधानी का पुराना इलाका बिलकुल #दिल्ली के चाँदनी चौक जैसा दिखाई देता है। वही सँकरी गलियाँ और छोटी-छोटी दुकानें। यहाँ के ताते बाजार और शाखारी बाजार में कई हिंदू रहते हैं। जगह-जगह #हिंदू #देवी-देवताओं की तस्वीरें दिख जाती हैं। यहाँ के #जगन्नाथ मंदिर के कर्ता-धर्ता और पेशे से सुनार #बाबुलचंद्र दास का कहना है कि अल्पसंख्यक, खासकर #हिंदुओं की स्थिति यहाँ बहुत #खराब है।
🚩उन्होंने कहा कि पिछले #चुनावों के बाद भड़की #हिंसा को हम नहीं भूल सकते। हमें कहा जाता है कि आप #हिंदू हो, भारत चले जाओ। हमने भी #1971 की #आजादी के #आंदोलन में हिस्सा लिया और अब हमारे पास कोई अधिकार नहीं हैं।
🚩#लेखक, पत्रकार और फिल्मकार शहरयार #कबीर कहते हैं खेद की बात है कि #बांग्लादेश में '#हिंदू हाशिए पर हैं। उनका #संसद में, प्रशासन में सही प्रतिनिधित्व नहीं है। 
🚩#इस्लामी राष्ट्र : वे कहते हैं #संविधान को #जिया उर रहमान ने #धर्मनिरपेक्ष से बदलकर #इस्लामी रूप दे दिया था और फिर जनरल इरशाद ने इस्लाम को #राष्ट्रधर्म का दर्जा दे दिया।
🚩इसके बाद #हिंदू, बौद्ध, ईसाई सब दूसरे दर्जे के नागरिक हो गए। हिंदुओं से भेदभाव और उनका दमन जारी है। वर्ष 2001 के चुनाव के बाद हुई हिंसा आज भी दहशत फैला रही है। 
🚩#कबीर के अनुसार #देश में भय का माहौल है और जैसे-जैसे इस्लामी चरमपंथ उभर रहा है, धर्मनिरपेक्ष ताकतों की जगह कम होती जा रही है। हालाँकि यहाँ के #हिंदू स्वयं को अल्पसंख्यक नहीं मानते और अपने को मुख्यधारा के हिस्से के रूप में देखते हैं।
🚩#हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद से जुडे काजोल देवनाथ बताते हैं कि जब पूर्वी #पाकिस्तान था, राष्ट्रीय असेंबली की 309 में से 72 सीटें #अल्पसंख्यकों के लिए #आरक्षित थी ।
🚩उनका कहना है #अल्पसंख्यकों ने अलग सीटों के बजाय सम्मिलित सीटों की माँग की, पर आज हालत यह है कि अवामी लीग ने 15 करीब तो #बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने केवल चार से पाँच अल्पसंख्यक उम्मीदवार खड़े किए हैं। 
🚩देबनाथ के मुताबिक जिस भी #हिंदू से बात करते हैं, वे 2001 के #चुनावों के बाद हुई #हिंसा की याद से सिहर उठता है। #शिराजपुर में #पूर्णिमा नाम की #15 साल की #लड़की से #सामूहिक #बलात्कार हुआ। #बारीसाल, बागेरहाट, मानिकगंज और चिट्टागोंग समेत दक्षिण और उत्तर #बांग्लादेश में #अत्याचार का दौर चला। #घर, मंदिर, धान की फसलें जला दी गईं। ये #हिंसा महीनों चली। 
🚩#भारत का असर : #ढाका विश्वविद्यालय के रिटायर्ड #प्रोफेसर #अजय राय कहते हैं और तो और #लड़कियों के साथ बदसलूकी होती है। #सिंदूर और #बिंदी लगाने पर फिकरे कसे जाते हैं। #भारत की घटनाओं का असर भी #बांग्लादेश के #हिंदू झेलते हैं। 
🚩#राय का कहना है कि जब #भारत में कुछ घटनाएँ होती हैं, जैसे #गुजरात या #बाबरी मस्जिद विध्वंस, यहाँ प्रतिक्रिया बहुत तीव्र होती है। #बाबरी विध्वंस के बाद यहाँ हिंदू पूजा स्थलों पर कई हमले हुए। 
🚩#अल्पसंख्यकों की जमीन पर #कब्जा कर लेने की समस्या लगातार बनी रहती है, क्योंकि वे कमजोर हैं और सरकार और प्रशासन का भी साथ उन्हें नहीं मिलता। 
🚩#अजय राय एक गैरसरकारी संस्था संपृति मंच के जरिये #कानून-व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं और अल्पसख्यकों से चुनाव में बेखौफ हिस्सा लेने का आह्वान कर रहे हैं। 
🚩साथ ही किसी भी #हिंसक घटना या डराने-धमकाने की कोशिश को चुनाव आयोग तक पहुँचा रहे हैं, लेकिन #हिंदू समुदाय चुनाव के बाद और #सरकार गठन के दौर में संभावित हिंसा से अब भी चिंतित है।
🚩#भारत में अगर एक #मस्जिद पर छोटा सा #पत्थर भी फेंका तो #भारत की #मीडिया और  सेकुलर लोग #दिन रात छाती पीटने लगते है लेकिन अब #बांग्लादेश में #निर्दोष #हिन्दुओं पर #अत्याचार हो रहा है तो #ये #मिडिया वाले लोग #चुप #क्यों है???
🚩#भारत सहिष्णु देश है उसका फायदा तो नही उठा रहे है ???
🚩अब वक्त आ गया है #हिन्दुओं को #एक होने का । अभी समय रहते नही चेते तो आगे जाकर बहुत पछताना पड़ेगा ।
🚩#हिन्दू सावधान रहें !
🚩#हिन्दू मंदिरों, हिन्दू साधु-संतों, हिन्दू देवी -देवताओं, #हिन्दू कार्यकर्ताओं और किसी भी #हिन्दू भाई-बहन पर #अत्याचार हो रहा हो तो हिन्दू एक होकर उसका #मुकाबला करें ।
🚩जय हिंद!!!
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