Tuesday, October 13, 2015

History of Cow Slaughter In India

🚩🚩जागो हिन्दुस्तानी🚩🚩
🔥भारत मे गौ हत्या का इतिहास..

💥गौ हत्या कैसे शुरू हुई ? और अभीतक तक बंद क्यों नही हुई? वो जानना चाहते है तो पूरा लेख अवश्य पढ़िए।
💥भारत देश में मुगल सीधा गाय का कत्ल करते थे और कई बार
हमारे राजा मुगलों का इसी बात पर वध करते थे !
💥 जैसे शिवाजी ने गौ माता को बचाने के लिए एक मुगल राजा
की बाजू काट दी थी !!
💥लेकिन उन्होने कोई कत्लखाना नहीं खोला !
🔥पर जब अंग्रेज़ आए तो ये बहुत चालक थे ! किसी भी गलत काम को करने से पहले उसको कानून बना देते थे फिर करते थे और कहते थे क़ि हम
तो कानून का पालन कर रहे हैं !!
🔥भारत मे पहला गौ का कत्लखाना 1707 ईस्वी ने "रॉबर्ट क्लाएव" ने खोला था और उसमे रोज की 32 से 35 हजार गाय काटी जाती थी ! तो कत्लखाने के साइज़ का अंदाजा आप
लगा सकते हैं ! और तब हाथ से गाय काटी जाती थे ! तो
सोच सकते हैं कितने कसाई उन्होने रखे होंगे !
💥आजादी के 5 साल बाद 1952 मे पहली बार संसद मे ये बात उठी कि गौ रक्षा होनी चाहिए ! गाय के सभी कत्लखाने जो भारत मे अंग्रेज़ो ने शुरू किए थे बंद होने चाहिए ! और यही गांधी जी कि आत्मा को श्रद्धांजलि होगी ! क्यूकि ये उनके आजाद भारत के सपनों मे से पहले नंबर पर
था !
💥तो नेहरू पंडित खड़े हुए और बोले चलो ठीक है अगर गौ रक्षा का कानून बनना चाहिए तो इस पर संसद मे प्रस्ताव आना चाहिए !
💥तो संसद मे एक सांसद हुआ
करते थे महावीर त्यागी वो आर्य समाजी थे और सोनीपत से अकेले चुनाव लड़ा करते थे !
💥पहला चुनाव जो 1952 मे हुआ उसमे वो बहुत भयंकर वोटो से जीत कर आए थे !
💥तो महावीर त्यागी ने कहा-ठीक मैं अपने नाम से प्रस्ताव लाता हूँ ! तो प्रस्ताव आया उस पर बहस हुई ! बहस के बाद तय किया कि वोट किया जाय इस पर !
💥तो वोट करने का
दिन आया ! तब पंडित नेहरू ने एक ब्यान दिया !जो लोकसभा के रिकॉर्ड मेँ  है आप चाहे तो पढ़ सकते हैं ! नेहरू ने कहा-अगर ये प्रस्ताव पारित हुआ तो मैं शाम को इस्तीफा दे दूंगा !
🔥मतलब ??
गौ-रक्षा अगर हो गई इस देश मेँ तो मैं प्रधानमंत्री नहीं रहूँगा ! प्रणाम क्या हुआ जो कांग्रेसी नेता संसद मे गौ
रक्षा के लिए वोट डालने को तैयार हुए थे नेहरू का ये वाक्य सुनते ही सब पलट गए !
💥तो उस जमाने मे क्या होता था कि
नेहरू जी अगर पद छोड़ दे तो क्या होगा ?? क्यूंकि वल्लभ भाई पटेल का स्वर्गवास हो चुका था !
तो कांग्रेसी नेताओ मे चिंता रहती थी कि अगर नेहरू जी भी चलेगे फिर पार्टी का क्या होगा और पता नही
अगली बार जीतेंगे या नहीं जीतेंगे ! और उस समय ऐसी बात
चलती थी nehru is india india is नेहरू !(और ये  कांग्रसियो
की आदत है indra is india india is indra )
💥तो बाकी कोंग्रेसी पलट गए और संसद मे हंगामा कर दिया और गौ रक्षा के कानून पर वोट नहीं हुआ !
और अगले दिन महावीर त्यागी को सब ने मजबूर कर दिया और उनको प्रस्ताव वापिस लेना पड़ा !
💥महावीर त्यागी ने प्रस्ताव वापिस लेते समय भाषण किया और बहुत ही जबर्दस्त भाषण किया ! उन्होने कहा-पंडित नेहरू मैं तुमको याद दिलाता हूँ कि आप गांधी जी के परम शिष्य है और गांधी जी ने कहा था भारत आजाद होने केबाद जब पहली सरकार बनेगी तो पहला कानून गौ रक्षा का बनेगा ! अब आप ही इस से हट रहे है तो हम कैसे माने कि
आप गांधी जी के परम शिष्य है ???
💥और उन्होने कहा मैं आपको आपके पुराने भाषणो की याद दिलाता हूँ ! जो आपने कई बार अलग अलग जगह पर दिये है ! और सबमे एक ही बात कही है कि मुझे कत्लखानों से घिन्न आती है । इन सबको तो एक मिनट मे बंद करना चाहिए ! मेरी
आत्मा घबराती है ये आपने कितनी बार कहा लेकिन जब कानून बनाने का समय आया तब आप ही अपनी बात से पलट रहे है ?
💥नेहरू ने इन सब बातों को कोई जवाब नहीं दिया ! और चुप
बैठा रहा !और बात आई गई हो गई !
💥फिर एक दिन 1956 में नेहरू ने सभी मुख्य मंत्रियो को एक चिट्ठी लिखी वो भी संसद के रिकॉर्ड में है ! अब नेहरू का कौन सा स्वरूप सही था और कौन सा गलत ! ये तय करने का समय आ गया हैं !
जब वे गांधी जी के साथ मंचपर होते थे तब भाषण करते थे कि कत्लखाने के आगे से गुजरता हूँ तो घिन्न आती है आत्मा चीखती है ! ये सभी कत्लखाने जल्द बंद होने चाहिए !और जब
वे प्रधानमंत्री बनते है तो मुख्य मंत्रियो को चिट्ठी लिखते हैं कि गाय का कत्ल बंद मत करो क्योंकि इससे विदेशी
मुद्रा मिलती है !
🔥उस पत्र का अंतिम वाक्य बहुत खतरनाक था उसमे नेहरू लिख
रहा है मान लो हमने गाय हत्या बंद करवा दी ! और गौ रक्षा होने लगी तो सारी दुनिया हम पर हँसेगी कि हम
भारत को 18वीं शताब्दी में ले जा रहे हैं ! !
💥अर्थात नेहरू को ये लगता था कि गाय का कत्ल होने से देश 21 वी शताब्दी मे जा रहा है ! और गौ रक्षा होने से 18 वी शताब्दी की ओर जाएगा !
💥 राजीव भाई का ह्रदय इस
पत्र को पढ़ कर बहुत दुखी हुआ ! राजीव भाई के एक बहुत अच्छे मित्र थे उनका नाम था रवि राय जो लोकसभा के
अध्यक्ष रह चुके थे !उनकी मदद से ये पत्र मिला ! संसद कि लायब्रेरीमे से ! और उसकी फोटो कॉपी रख ली!!
💥तो राजीव भाई ने ये जानने की कोशिश की क़ि आखिर नेहरू जी के जीवन की ऐसे कौन से बात थी जो वो गौ ह्त्या को चालू रखना चाहते थे ! क्यूंकि पत्र मे नेहरू लिखता है
कि विदेशी मुद्रा मिलती है तो क्या विदेशी मुद्रा ही एक प्रश्न था या इससे भी कुछ आगे था !
💥राजीव भाई कहते है कि मेरा ये व्यक्तिगत मानना है ये गलत
भी हो सकता है ! वो कहते है कि इंसान अपनी public life
(सार्वजनिक जीवन) मे जो करता है ! उसकी जड़े  उसकी private life(निजी जीवन) मे जरूर होती है ! वो भारत का प्रधानमंत्री हो,राष्ट्रपति हो देश के किसी सवैधानिक पद पर बैठा हुआ हो या कोई आम इंसान हो ! या कोई
किसान कोई भी व्यक्ति हो अपनी public life (सार्वजनिक जीवन) मे जो करते है ! उसकी जड़े उसकी जड़े
उसकी private life मे जरूर होती है !
💥मतलब नेहरू कि private life में क्या था जो वो गाय की
ह्त्या के लिए इतने परेशान थे ! और इसके लिए राजीव भाई
ने बहुत प्रयास किया और नेहरू के निजी जीवन के private
life के बहुत दस्तावेज़ इकट्ठे किए !! कम से कम 500 से ज्यादा
उनके पास थे ! तो पता चला नेहरू खुद गाय का मांस खाता
था ! राजीव भाई कहते है इससे पहले मुझे इतना तो मालूम था कि नेहरू जी शराब पीते हैं ! और सिगरेट भी पीते है और chain smoker है दिन मे 60 से 70 सिगरेट पी जाते हैं !और
भी बहुत कुछ मालूम था उनके चरित्र के बारे मे ! पर ये पहली
बार पता चला कि वो गाय का मांस भी खाते हैं !
💥और उनके लिए गाय मांस के भोजन को बनाकर तैयार करके
उनको lunch के रूप मे भेजने का काम दिल्ली का वही होटल करता था जहां अमेरिका का प्रधानमंत्री जार्ज बुश अंतिम बार 2006 मे आया था और वहाँ रुका था ! और नेहरू
का एक दिन का खर्चा उस जमाने मे 13 हजार रुपए होता
था ।
💥जिस पर भारत के एक समाजवादी नेता ने बड़ी कड़क
टिप्पणी की थी राम मनोहर लोहिया ने !  उन्होने संसद मे एक दिन बहुत जोऱदार भाषण दिया था !
कि नेहरू तुम्हारा एक समय के भोजन का खर्च 13 हजार रुपए
है और भारत के 14 करोड़ लोगो को खाने के लिए 2 समय की रोटी नहीं है !तुमको शर्म नहीं आती उस समय के जमाने मे लोहिया जी एक व्यक्ति थे जो नेहरू जी को इस तरह से
बोल पाते थे बाकि सब नेहरू के आगे पीछे ही घूमते थे !
💥जब ये दस्तावेज़ मिल गए तो ये बात समझ आती है कि नेहरू के
मन मे गाय के लिए प्रेम सिर्फ एक दिखावा था गांधी जी को खुश करने के लिए था और भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए था एक बार प्रधानमंत्री बन गए अब तो कोई कष्ट नहीं है कोई रोकने वाला नहीं तो टोकने वाला नहीं और सरदार पटेल की मृत्यु के बाद तो कोई नहीं !
💥और राजीव भाई कहते है ये जो जितनी बाते मैंने आपको नेहरू के बारे मे कही है सब की सब लोकसभा के रिकॉर्ड मे है और कभी इतिहास लिखा जाये तो ये सब का सब सामने
आ जाये ! और पूरे देश को नेहरू का काला चिट्ठा पता चल गया।
💥अब आगे की बात करें नेहरू के बाद से आजतक गाय ह्त्या
रोकने का बिल पास क्यूँ नहीं हुआ???
💥दस्तावेज़ बताते हैं इसके बाद के दो ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने पूरी ईमानदारी से गौ ह्त्या रोकने का कानून लाने की कोशिश की ! उनमे से एक का नाम था श्री लाल बहादुर शास्त्री और दूसरे श्री मुरार जी देसाई !!
💥श्री मुरार जी भाई ये कानून पास करवा पाते कि उनकी सरकार गिर गई ! या दूसरे शब्दों मे कहे क़ि सरकार गिरा दी गई !
💥क्योंकि वही एक मात्र ऐसे प्रधान मंत्री थे ! जिन्होंने बहुत हिम्मत वाला काम किया था अमेरिका की कंपनी
coca cola को 3 दिन का नोटिस दिया और भारत से भगा दिया ! और ऐसा नोटिस केवल coco cola को नहीं बल्कि एक और बड़ी विदेशी कंपनी hul(hindustaan
uniliver ) को भी दिया और ऐसे करते करते काफी विदेशी कम्पनियों को नोटिस जारी किया कि जल्दी से जल्दी तुम भारत छोड़ दो !
💥इसके अलावा उन्होने एक और बढ़िया काम किया था गुजरात में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया ! और वो आजतक है वो बात अलग है कि black मे कहीं शराब मिल जाती है पर
कानूनी रूप से प्रतिबंध है ! और उन्होंने कहा था ऐसा मैं पूरे
भारत मे करूंगा और जल्दी से गौ रक्षा का कानून भी लाऊँगा और गौ ह्त्या करने वाले को कम से कम फांसी की सजा होगी !
🔥तो देश मे शराब बेचने वाले,गौ ह्त्या करने वाले और विदेशी कंपनियों वाले ! ये तीनों l lobby सरकार के खिलाफ थी इन तीनों ने मिल कर कोई षड़यंत्र रचा होगा जिससे मुरारजी भाई की सरकार गिर गई !!
💥लालबहादुर शास्त्री जी ने भी एक बार गौ ह्त्या का कानून बनाना चाहा पर वो ताशबंद गए और फिर कभी
जीवित वापिस नहीं लौटे!
💥और अंत 2003 मे श्री अटल बिहारी वाजपेयी की NDA
सरकार ने गौ ह्त्या पर सुबह संसद मे बिल पेश किया और शाम को वापिस ले लिया !! क्यों??
अटल जी की सरकार को उस समय दो पार्टिया समर्थन कर रही थी एक थी तेलगु देशम और दूसरी त्रिमूल कॉंग्रेस ! दोनों ने लोकसभा मे कहा अगर गौ ह्त्या पर कानून पास
हुआ तो समर्थन वापिस !!
💥बाहर मीडिया वालों ने ममता बेनर्जी से पूछा क़ि आप गौ
ह्त्या क्यूँ नहीं बंद होने देना चाहती ???
💥ममता बेनर्जी ने कहा गाय का मांस खाना  मौलिक
अधिकार है।
💥अब आपको पूरा लेख पढ़ने से लगा होगा क़ि गौरक्षा नही करने के पीछे कौन लोग थे?
💥अभी सरकार से अप्लील है की शीघ्र गौ हत्या बंद कराएं।
🚩Official Jago hindustani Visit
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