Thursday, February 1, 2018

अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि नही होगा वेलेंटाइन डे, मातृ-पितृ पूजन होगा

February 1, 2018

भारत की रीढ़ की हड्डी युवापीढ़ी मानी जाती है अगर युवाओं को कमजोर कर दिया जाये तो देश भी कमजोर हो जाता है, देश के युवाओं को गुमराह करने के लिये अंग्रेज अनेक विदेशी त्यौहार रखकर गये हैं जिसके कारण देश के युवाओं का नैतिक पतक हो रहा है ।

भारत में युवाओं की तबाही करने का मुख्य त्यौहार वेलेंटाइन-डे है जो 7 से 14 फरवरी तक सात दिन तक मनाया जाने लगा है, फूल, गिफ्ट, चॉकलेट देकर युवक-युवतियां एक दूसरे से मिलते हैं,इस प्रकार देश की युवा पीढ़ी पतन की खाई में गिरती जा रही है ।
Chief ministers of many states said that will not be Valentine's day, maternal grandfathers will be worshiped

भारत में भले युवाओं का पतन करने वाला वेलेंटाइन डे कुछ एक वर्ग मना रहे हों लेकिन दूसरी ओर एक अच्छी खबर सुनने में ये आ रही है कि भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को छिंदवाड़ा के समाजिक कार्यकर्ता भगवद्दीन शाहू ने एक पत्र लिखा था कि वेलेंटाइन डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जाये जो हिन्दू धर्मगुरु आसारामजी बापू ने 2006 से शुरू किया है, राष्ट्रपति भवन से शिक्षा विभाग को लेटर भेज दिया गया कि पूरे देशभर की स्कूलों-कॉलेजों में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस लागू किया जाये और माता-पिता की पूजा की जाए ।

असम मुख्यमंत्री ने की सरहाना

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पत्र के माध्यम से बताया कि मुझे यह जानकर अत्यधिक हर्ष हो रहा है कि "श्री योग वेदांत सेवा समिति" भारतीय संस्कृति से एक तान होकर मातृ-पितृ पूजन दिवस मना रही है । इस आयोजन के साथ-साथ मातृ-पितृ पूजन पुस्तिका भी प्रकाशित की गई है ।

माता-पिता के प्रति हमारे हृदयस्पर्शी भावों को प्रकट करने हेतु मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने के सराहनीय निर्णय के लिए "श्री योग वेदांत सेवा समिति" को मेरी ओर से हार्दिक बधाई ।

मैं इसके आयोजक और संपादकीय समूह को उनके इस प्रयास की सफलता के लिए अपनी शुभ कामनाएँ प्रेषित करता हूँ ।

गुजरात मुख्यमंत्री ने भी की भूरी-भूरी प्रशंसा..

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी ने पत्र द्वारा बताया कि दुनिया में श्रेष्ठ अनुभूति यह है कि आपके माता-पिता की मुस्कुराहट की वजह आप हो।

रुपाणी ने आगे लिखा है कि भारतीय संस्कृति में हमेशा से ही माता-पिता का आदर करने की महिमा बताई गई है। माता-पिता के सम्मान के बारे में एक पौराणिक कथा है श्रवण कुमार की, जिसने अपने अन्धे माता-पिता को तीर्थ यात्रा करवाई थी एक कावड़ में। माता-पिता बनना जीवन का अद्भुत दौर है, जिसमें वे अपनी पूर्ण इच्छाएं अपने बच्चों की खुशी में पाते हैं। 

गुजरात मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मैं यह जानकर बहुत प्रसन्न हूँ कि "श्री योग वेदांत समिति" 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मना रही है देश तथा विदेश में। मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूँ समिति व उनके स्वयं सेवक को, सम्मलित स्कूलों तथा कॉलेजों को जो इस धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बन रहें हैं। मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम में सहभागी होने वाले बच्चे व युवा माता-पिता के महिमा से अवगत होंगे।

झारखंड में भी मनाया जायेगा मातृ-पितृ पूजन

पश्चात संस्कृति के इस त्यौहार वेलेंटाइन-डे को रोकने के लिए झारखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है । सभी गवर्नमेंट करीब 50 हजार  स्कूलों में 14 फरवरी को वेलेंटाइन-डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जायेगा ।

छत्तीसगढ़ स्कूलों-कॉलेजों में भी मनाया जाता है

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ड़ॉ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले कई सालों से  वैलेंटाइन डे’ यानि 14 फरवरी के दिन मातृ-पितृ दिवस मना रहे हैं, इसके लिए सरकार ने सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों व कालेजों में 14 फ़रवरी को ‘मातृ-पितृ दिवस’ मनाने के लिए परिपत्र जारी किये हैं ।

सरस्वती विद्या मंदिर में मनाया जाएगा मातृ-पितृ पूजन दिवस

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा सम्बंधित हिमाचल शिक्षा समिति ने भी एक पत्र जारी करके सभी सरस्वती विद्या मंदिर में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने के निर्देश दिए हैं ।

आपको बता दें कि कई राज्यों के गवर्नर, कलेक्टर, शिक्षा समितियों द्वारा मातृ-पितृ दिवस मनाने का आदेश भी जारी किया हुआ है पर कभी मीडिया ने इस न्यूज़ को कवरेज नहीं दिया ।

गौरतलब है कि हिन्दू संत आसारामजी बापू की यह अनोखी पहल थी जिसे आज विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है ।

संत आसारामजी ने सन् 2006 से 14  फरवरी को ‘वेलेन्टाइन डे की जगह ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाना शुरु करवाया । इसका ऐसा प्रचार हुआ कि मानो ‘वेलेन्टाइन डे को उखाडने का ताँडव शुरु हो गया हो । मलेशिया, ईरान, सउदी अरब, इंडोनेशिया, जापान, आदि देशों ने वेलेन्टाइन डे पर प्रतिबंध लगा दिया। ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस विश्वव्यापी हो गया है जिससे ईसाई जगत में बहुत बड़ी खलबली मची है ।

बापू आशारामजी ने 2006 में एक संकल्प करके बोला था "14 फरवरी ʹमातृ-पितृ पूजन दिवसʹ को अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनायेंगे। ʹमातृ-पितृ पूजन दिवसʹ में पाँच भूत, देवी-देवता और मेरे साधक, मुसलमान, हिन्दू, ईसाई, पारसी सभी जुड़ जायें, ऐसा मैं संकल्प आकाश में फैला रहा हूँ। देवता सुन लें, यक्ष सुन लें, गंधर्व सुन लें, पितर सुन लें कि भारत और विश्व में मातृ-पितृ पूजन दिवस का कार्यक्रम मैं व्यापक करना चाहता हूँ।"


सुदर्शन न्यूज के मुख्य सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके ने तो यहाँ तक कहा है कि कई सालों से वेलेंटाइन डे को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने से तमाम महँगे-महँगे गिफ्ट्स, ग्रीटिंग कार्ड्स बेचनेवाली बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के व्यापार पर इसका भारी असर हुआ है । ये भी एक बड़ा कारण है बापू आशारामजी षड्यंत्र के तहत फंसाने का ।
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