Saturday, December 17, 2016

हिन्दुओं के धर्मांतरण का प्रयास, चार गिरफ्तार, एक की तलाश !!

हिन्दुओं के धर्मांतरण का प्रयास,
चार गिरफ्तार, एक की तलाश!!


हिन्दुओं को ईसाई बनाने का प्रयास करने वाले चार लोगो को गिरफ्तार कर लिया है अभी एक की तलाश चल रही है ।

ग्राम सारंगी के नयापुरा क्षेत्र में हिन्दुओं में से ईसाई धर्मांतरण करवाने का पांच लोग प्रयास कर रहे थे। 
हिन्दुओं के धर्मांतरण का प्रयास, चार गिरफ्तार, एक की तलाश !!

हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को पुलिस के हवाले किया है। संगठन के लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग आदिवासी हिन्दू महिला-पुरुषों को नौकरी देने और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे। 

गिरफ्तार लोगों से कुछ सामग्री भी जब्त हुई है, जिनमें धार्मिक यीशु का लॉकेट, क्रॉस, बाईबल आदि शामिल हैं। 

ग्राम सारंगी के नयापुरा में ग्राम कलसाड़ा और नाहरपुरा के चार लोगों को पकड़कर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के हवाले किया। उनके अनुसार एक व्यक्ति और था, जो फरार हो गया। 

घटना के बाद हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस चौकी सारंगी पर एकत्रित होना प्रारंभ किया। कुछ ही देर में यहां भीड़ लग गई। हिन्दू संगठन के लोगों का कहना है कि यहां एक सप्ताह से हिन्दुओं को ईसाई बनाने का प्रयास चल रहा है। 

हिन्दुओं के धर्मांतरण का प्रयास, चार गिरफ्तार, एक की तलाश !!

कुछ लोगों को मना भी लिया गया। गुरुवार को सारंगी में आसपास से बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां आए थे। सारंगी चौकी पर भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने पकड़े गए लोगों को पेटलावद थाने भेज दिया। 

शाम को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ग्राम झावनिया में धन्यवाद सभा का निमंत्रण कार्ड भी इन आरोपियों के पास से मिला। यह आयोजन 19 दिसंबर को होने वाला है जिसमें हिंदुओं को ईसाई बनाने का कार्यक्रम था । अंचल में हुई एक मीटिंग के दस्तावेज भी मिले। 

थाना प्रभारी एमएल भाटी ने बताया कि धर्मांतरण के प्रयास के मामले में गिरफ्तार कर म.प्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 3- 4 के साथ आईपीसी की धारा 153 ए-1 के तहत मामला दर्ज किया गया। 


पं. कमलकिशोर नागर ने भी धर्मांतरण पर रोक लगाने पर जोर दिया

पं. नागर ने भी धर्मांतरण पर रोक की बात कही थी पेटलावद के मंडी प्रांगण में 8 से 14 दिसंबर तक आयोजित हुई भागवत कथा में पं. कमलकिशोर नागर ने भी धर्मांतरण पर रोक लगाने पर जोर दिया था। विशाल जनसमुदाय के बीच उन्होंने कहा था कि सनातन संस्कृति बचाना चाहते हो तो धर्म परिवर्तन नहीं करें। यह पाप है। कोई व्यक्ति अपने माता-पिता को नहीं बदल सकता। आदिवासी भाई भी लालच में आकर ऐसा न करें। संयोग से नागरजी की कथा समाप्त होने के अगले ही दिन ये मामला सामने आ गया।


एक तरफ गरीब और भोले-भाले हिन्दू आदिवासियों को चीज,पैसा दवाई का प्रलोभन देकर ईसाई बनाया जा रहा है वहीं  दूसरी ओर मुस्लिम मार-पीट लड़ाई करके जबरन हिन्दुओं को भगा रहे है या धर्म परिवर्तन करवा रहे है ।

हमारे दिव्य सनातन धर्म से हमें विमुख किया जा रहा है और भोगवादी पाश्चत्य संस्कृति की ओर ले जा रहे हैं।


पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर अत्याचार...!!!

कोलकाता से महज 25 किलोमीटर दूर धुलागढ़ में मुस्लिम समुदाय का जुलुस निकल रहा था। उसमें हिंदुओं के 40 दुकानों को और 60 घरों को तथा मंदिरों में तोड़फोड़ कर लूटपाट व बम फैंके जा रहे थे तथा आग लगाई जा रही थी।


हिंदुओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया तथा
हिन्दू लड़कियों और महिलाओं से अभद्रता की गई।

कई हिन्दू तो वहाँ से मजबूर होकर पलायन कर गये ।

अगर हिंदुओं में एकता होती तो किसी मुस्लिम की ताकत नही थी जो हिंदुओं के घरों और मंदिरों में बम फेंक सकता और हिन्दुओं को पलायन करना पड़ता ।

यह हिंसा 3 दिन तक चल रहा था पर न ही किसी मीडिया ने दिखाया और न ही उन उपद्रवियों पर प्रशासन ने कार्यवाही की।

पहले कश्मीर के पीड़ितों को भगाया बाद में उत्तर प्रदेश से पलायन किया अब बंगाल से हिन्दू पलायन हो रहे हैं अब अगला निशाना हम ही हैं ।


हिन्दू सावधान!
एक ओर ईसाई मिशनरियाँ छल करके और दूसरी ओर मुस्लिम हिंसा से धर्मपरिवर्तन द्वारा हमें फिर से गुलाम बनाना चाहते हैं ।

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