Sunday, December 29, 2019

आप भी अंग्रेजों वाला 1 जनवरी नववर्ष मना रहे हैं तो पढ़ लीजिये कविता

28 दिसंबर 2019
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*🚩सृष्टि का जिस दिन निर्माण हुआ था उस दिन ही चैत्री शुक्लपक्ष प्रतिपदा थी और सनातन हिंदू धर्म मे इसी दिन को नूतन वर्ष मनाया जाता है लेकिन 700 साल मुग़लों और 200 साल अंग्रेजो के गुलाम रहे जिसके कारण हम अपना नूतन वर्ष भूल गए और अंग्रेजों के नूतन वर्ष मनाने लगे, अंग्रेज गये 70 साल हो गए लेकिन उनकी शिक्षा की पढ़ाई करने के कारण मानसिक गुलामी अभी नही गई जिसके कारण अपना नूतन वर्ष हमें याद भी नही आता है।*
*🚩जो भारतीय नूतन वर्ष भूल गए हैं और अंग्रेजों वाला नया वर्ष मना रहे हैं उनके लिए कवि ने अपनी व्यथा प्रकट करते हुए एक कविता लिखी है आप भी पढ़ लीजिये...।*
New year celebration
*🚩ना सुंदर फूल खिलते हैं, ना वातावरण में महकते हैं। प्रकृति भी निस्तेज सी लगती, ना ही पक्षी चकहते हैं।। 01 जनवरी नववर्ष से हमें क्या मतलब, क्यों मनाये हम हर्ष। हम हैं सनातन संस्कृति परंपरा से, हम क्यों मनाएं ईसाई नववर्ष।।*
*🚩सबसे पहले ईसाई नववर्ष, जूलियस सीजर ने मनवाया।अंग्रेज़ों ने भारत में आकर, इस परंपरा को और चमकाया।।*
*🚩सनातन संस्कृति से ईसाई नववर्ष का, कोई सरोकार नहीं है। क्यों हो पाश्चात्य संस्कृति के पीछे अंधे, ये हमारे संस्कार नहीं हैं।।*
*🚩क्यों हो व्यसनों की तरफ आकर्षित, क्यों पीएं शराब, बियर। क्यों करें अपना नैतिक पत्तन, क्यों बोलें हैप्पी न्यू ईयर।।*
*🚩ईसाई देशों में खूब बम पटाखे फोड़ेंगे, मीडिया वाले कुछ नहीं कहेंगे। होली दीवाली में प्रदूषण देखने वाले, देखना इस पर मौन रहेंगे।।*
*🚩वास्तव में ये नववर्ष नहीं है, ये है सनातन संस्कृति पर प्रहार। समय की मांग है एकत्र हो, करो ईसाई नववर्ष का बहिष्कार।।*
*🚩चैत्र मास शुक्लपक्ष प्रतिपदा को, चलो हम नववर्ष मनाएं। रंगोली बनाएं, दीप जलाएं, घर घर भगवा पताका फहराए।। - कवि सुरेन्द्र भाई*
*🚩इस कविता के माध्यम से हमें समझना चाहिए कि अंग्रेजो के द्वारा थोपा गया नूतन वर्ष हमारा सांस्कृतिक, शारिरिक, मानसिक और सामाजिक पतन करता है जो राष्ट्र के लिए भी हानि करता है इसलिए हमें ऐसे त्यौहार से बचना चाहिए और अपने आसपास ऐसा कोई गलती से नया साल मना रहा हो तो उसको भी समझाइये कि भाई ये हमारा त्यौहार नही है हमारी संस्कृति सबसे महान है और वे नूतन वर्ष चैत्री शुक्लपक्ष प्रतिपदा को आएगा उसदिन हम सभी मिलकर धूमधाम से मनायेंगे।*
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Saturday, December 28, 2019

1 जनवरी का इतिहास जान लेंगे आप तो छोड़ देंगे नववर्ष मनाना

*🚩 1 जनवरी का इतिहास जान लेंगे आप तो छोड़ देंगे नववर्ष मनाना*
28 दिसंबर 2019
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*🚩विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत में राज करने के लिए सबसे पहले भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात किया जिससे हम अपनी महान दिव्य संस्कृति भूल जाएं और उनकी पाश्चात्य संस्कृति अपना लें जिसके कारण वे भारत में राज कर सकें।*
*🚩अपनी संस्कृति का ज्ञान न होने के कारण आज हिन्दू भी 31 दिसंबर की रात्रि में एक-दूसरे को हैपी न्यू इयर कहते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं ।*
*🚩नववर्ष उत्सव 4000 वर्ष पहले से बेबीलोन में मनाया जाता था। लेकिन उस समय नए वर्ष का ये त्यौहार 21 मार्च को मनाया जाता था जो कि वसंत के आगमन की तिथि (हिन्दुओं का नववर्ष ) भी मानी जाती थी। प्राचीन रोम में भी ये तिथि नव वर्षोत्सव के लिए चुनी गई थी लेकिन रोम के तानाशाह जूलियस सीजर को भारतीय नववर्ष मनाना पसन्द नही आ रहा था इसलिए उसने ईसा पूर्व 45वें वर्ष में जूलियन कैलेंडर की स्थापना की, उस समय विश्व में पहली बार 1 जनवरी को नए वर्ष का उत्सव मनाया गया। ऐसा करने के लिए जूलियस सीजर को पिछला वर्ष, यानि, ईसापूर्व 46 ईस्वी को 445 दिनों का करना पड़ा था । उसके बाद भारतीय नववर्ष के अनुसार छोड़कर ईसाई समुदाय उनके देशों में 1 जनवरी से नववर्ष मनाने लगे ।*
*🚩भारत देश में अंग्रेजों ने ईस्ट इंडिया कम्पनी की 1757 में  स्थापना की । उसके बाद भारत को 190 साल तक गुलाम बनाकर रखा गया। इसमें वो लोग लगे हुए थे जो भारत की ऋषि-मुनियों की प्राचीन सनातन संस्कृति को मिटाने में कार्यरत थे। लॉड मैकाले ने सबसे पहले भारत का इतिहास बदलने का प्रयास किया जिसमें गुरुकुलों में हमारी वैदिक शिक्षण पद्धति को बदला गया ।* 

*🚩भारत का प्राचीन इतिहास बदला गया जिसमें भारतीय अपने मूल इतिहास को भूल गये और अंग्रेजों का गुलाम बनाने वाले इतिहास याद रह गया और आज कई भोले-भाले भारतवासी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्ष नही मनाकर 1 जनवरी को ही नववर्ष मनाने लगे ।*
*🚩हद तो तब हो जाती है जब एक दूसरे को नववर्ष की बधाई भी देने लग जाते हैं। क्या किसी भी ईसाई देशों में हिन्दुओं को हिन्दू नववर्ष की बधाई दी जाती है..??? किसी भी ईसाई देश में हिन्दू नववर्ष नहीं मनाया जाता है फिर भोले भारतवासी उनका नववर्ष क्यों मनाते हैं?*
*🚩इस साल आने वाला नया वर्ष 2020 अंग्रेजों अर्थात ईसाई धर्म का नया साल है।*
*🚩हिन्दू धर्म का इस समय विक्रम संवत 2076 चल रहा है।*
*🚩इससे सिद्ध हो गया कि हिन्दू धर्म ही सबसे पुराना धर्म है ।*
*🚩इस विक्रम संवत से 5000 साल पहले इस धरती पर भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित हुए । उनसे पहले भगवान राम, और अन्य अवतार हुए यानि जबसे पृथ्वी का प्रारम्भ हुआ तबसे सनातन (हिन्दू) धर्म है।*
*🚩कहाँ करोड़ों वर्ष पुराना हमारा सनातन धर्म और कहाँ भारतीय अपनी गरिमा से गिर 2000 साल पुराना नववर्ष मना रहे हैं!*
*🚩जरा सोचिए....!!!*
*🚩सीधे-सीधे शब्दों में हिन्दू धर्म ही सब धर्मों की जननी है। यहाँ किसी धर्म का विरोध नहीं है परन्तु सभी भारतवासियों को बताना चाहते हैं कि इंग्लिश कैलेंडर के बदलने से हिन्दू वर्ष नहीं बदलता!*
*🚩जब बच्चा पैदा होता है तो पंडित जी द्वारा उसका नामकरण कैलेंडर से नहीं हिन्दू पंचांग से किया जाता है । ग्रहदोष भी हिन्दू पंचाग से देखे जाते हैं और विवाह,जन्मकुंडली आदि का मिलान भी हिन्दू पंचाग से ही होता है । सभी व्रत, त्यौहार हिन्दू पंचाग से आते हैं। मरने के बाद तेरहवाँ भी हिन्दू पंचाग से ही देखा जाता है। मकान का उद्घाटन, जन्मपत्री, स्वास्थ्य रोग और अन्य सभी समस्याओं का निराकरण भी हिन्दू कैलेंडर {पंचाग} से ही होता है।*
*🚩आप जानते हैं कि रामनवमी, जन्माष्टमी, होली, दीपावली, राखी, भाई दूज, करवा चौथ, एकादशी, शिवरात्री, नवरात्रि, दुर्गापूजा सभी विक्रमी संवत कैलेंडर से ही निर्धारित होते हैं  | इंग्लिश कैलेंडर में इनका कोई स्थान नहीं होता।*
*🚩सोचिये! आपके इस सनातन धर्म के जीवन में इंग्लिश नववर्ष या कैलेंडर का स्थान है कहाँ ?*
*🚩1 जनवरी को क्या नया हो रहा है..????*
*🚩न ऋतु बदली... न मौसम...न कक्षा बदली...न सत्र....न फसल बदली...न खेती.....न पेड़ पौधों की रंगत...न सूर्य चाँद सितारों की दिशा.... ना ही नक्षत्र...*
*🚩हाँ, नए साल के नाम पर करोड़ो /अरबों जीवों की हत्या व करोड़ों /अरबों गैलन शराब का पान व रात पर फूहणता अवश्य होगी।*
*🚩भारतीय संस्कृति का नव संवत्  ही नया साल है.... जब ब्रह्माण्ड से लेकर सूर्य चाँद की  दिशा, मौसम, फसल, कक्षा, नक्षत्र, पौधों की नई पत्तियां, किसान की नई फसल, विद्यार्थी की नई कक्षा, मनुष्य में नया रक्त संचरण आदि परिवर्तन होते हैं जो विज्ञान आधारित है और चैत्र नवरात्रि का पहला दिन होने के कारण घर, मन्दिर, गली, दुकान सभी जगह पूजा-पाठ व भक्ति का पवित्र वातावरण होता है ।*
*🚩अतः हिन्दुस्तानी अपनी मानसिकता को बदले, विज्ञान आधारित भारतीय काल गणना को पहचाने और चैत्री शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन ही नूतन वर्ष मनाये।*
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Thursday, December 26, 2019

वोट देते समय सावधान : आपका एक वोट कितना कीमती है देख लीजिये

26 दिसंबर 2019
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*🚩अखंड भारत में सिर्फ एक हिंदू धर्म ही था, लेकिन अपने निजीस्वार्थ के कारण, राजाओं को एक दूसरे के राज्य के प्रति ईर्ष्या होने लगी उसका परिणाम यह हुआ कि ये लोग आपस में ही भिड़ने लगे और उसका फायदा उठाकर भारत में फिर मुग़ल आ गए एवं उन्होंने कुछ हिंदू राजाओं को लेकर दूसरे राजाओं पर आक्रमण करके उनका राज्य जीत लिया, उसके बाद का परिणाम आप जानते ही हैं और उसका खमियाजा आज भी हम सब भुगत रहे हैं । अंग्रेजों ने भी यही किया । आपस में ही एक दूसरे राजाओं को लड़ाते रहे और 200 साल तक राज किया।*
*🚩वर्तमान में भी यही स्थिति है । यदि कोई हिंदुत्व एवं राष्ट्रवादी नेता या पार्टी होती है जो धर्म व देश के हित में कार्य करती है तो उसको वोट नहीं देते हैं, जबकि उनको कोई चावल या सुविधाएं देने का लालच दे देते हैं तो उनको वोट दे देते हैं ।*
*🚩यहाँ आपके समक्ष कुछ उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं उससे आप भी जान सकते हैं कि हिंदू ही स्वयं के पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है...
वोट देते समय सावधान : आपका एक वोट कितना कीमती है देख लीजिये

*★तेलंगाना सरकार क्रिसमस के लिए 200 चर्च को 1-1 लाख रूपये देगी ।*
*🚩★केरल सरकार 2 लाख मदरसों के शिक्षकों को प्रतिमाह 7500 देगी।*
*★केरला के मुख्यमंत्री विजयन बोले, केरल सरकार 10 से 50 साल की महिलाओं के सबरीमाला मंदिर प्रवेश की समर्थक*
*🚩★कर्नाटक में कॉंग्रेस सरकार हिंदुओं के हत्यारे टीपू सुल्तान की जयंती मनाते थे।*
*★राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने  घुंघट पर आपत्ति जताई पर बुरखा पर नहीं ।*
*🚩★राजस्थान कॉंग्रेस सरकार पाकिस्तान से आये हिंदुओं को वापस भेज रही थी।*
*★बंगाल में हिंदुओं की हत्या कर दी जाती है राज्य सरकार चुप रहती है।*
*🚩यह तो वर्तमान के कुछ उदाहरण दिए बाकी तो बहुत लंबी लिस्ट है। आपको बता दें कि कॉंग्रेस सरकार तो हिंदू विरोधी बिल भी लाने वाली थी, लेकिन 2014 के बाद सत्ता में नही आई तो फिर कुछ कर नहीं पाई।*
*🚩2014 से हिंदुओं ने एकजुट होकर मोदी सरकार का समर्थन किया और बहुमत से भाजपा सरकार आई, अधिकतर राज्यों में भी भाजपा सरकार बनी, लेकिन आर्थिक नीतियां कमजोर रहने के कारण और टैक्स बढ़ाने के कारण लोग भाजपा को वोट नहीं दे रहे हैं । इन नीतियों को भाजपा सरकार को सुधारने की अत्यंत आवश्यकता है, लेकिन यह बात कहेंगे कि जिस तरह से राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर भाजपा चल रही है उसे देखते हुए जनता को पूर्ण समर्थन करना चाहिए वरना आपके पास कितनी ही संपत्ति होगी, जब आप सुरक्षित नही होंगे तो सब लूट ली जायेगी।*
*🚩कश्मीरी पंडितों के पास क्या नही था? लेकिन बस सरकार समर्थन में नही थी तो सबकुछ छोड़कर भागना पड़ा, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं के पास भी बहुत संपति थी पर लूट ली गई क्योंकि सरकार हिंदुओं की विरोधी थी।*
*🚩झारखंड में ईसाई मिशनरियों को नकेल कसने के कार्य जिसतरह से मुख्यमंत्री रघुवर दास कर रहे थे वो सरहानीय था लेकिन आज वे हार गए तो मिशनरियां ने अपना धंधा चालू कर दिया होगा।*
*इसलिए अगर आपको सुरक्षित रहना है तो बिकाउ नेताओं को वोट न दें, सिर्फ राष्ट्रवादी और हिंदुत्व समर्थक नेताओं और पार्टी को ही अपना कीमती वोट दे।*
*🚩एकबात ये भी ध्यान रखें कि हिंदू संस्कृति को मिटाने के लिए हिंदू धर्मगुरुओं को भी षड्यंत्र करके फसाया जाता है, वे भी देश व संस्कृति के लिए कार्य करते है तो उनको भी मीडिया द्वारा बदनाम किया जाता है फिर झूठे केस बनाकर जेल भिजवाया जाता है और आप मीडिया की बातों में आकर उनको भी भला-बुरा बोलने लग जाते है इससे सावधान रहें।*
*🚩सार बात यही है कि कोई भी राष्ट्रप्रेमी और हिंदुनिष्ठ नेता या धर्मगुरु कार्य करते हैं तो उनके ऊपर षड्यंत्र शुरू हो जाते हैं वे आपके हक की लड़ाई खुद लड़ते हैं तो आप उनको सहयोग करें तभी आप भी सुरक्षित रहेगें।*
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