पिछले दो साल पहले जब बापूजी इंदौर में थे तो मैं भी वही था बापूजी की डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी जी से बात हुई थी डॉ. स्वामी जी ने मुझसे कहा था कि तुम सब काम - धाम छोड़कर बापूजी के साथ लगो क्योंकि यह संत आशारामजी बापू पर नहीं पूरी संस्कृति पर हमला हो रहा है ।
jagohindustani
आप कोई भी केस देख लीजिये इससे नकली केस मैंने अपने जीवन में नहीं देखे है। आप जीवन व्यतीत करते है और जंतर-मंतर में कोई घटना हो जाये आप चाहेंगे की इसका रिपोर्ट राजौरी गार्डन या करोल बाग में लिखवायें तो पुलिस बोलेगी जाओ -जाओ जहाँ की घटना है वहां रिपोर्ट लिखवाओ । इस केस में जो भी हादसा हुआ वह जोधपुर में हुआ और इसकी रिपोर्ट दिल्ली में क्यों लिखवाई गयी ?
कभी हुआ है ऐसा !!आप समझ सकते हैं । राजस्थान कि घटना रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज कि गयी । यहाँ की पुलिस यहाँ की घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती क्यों ? क्योंकि षड़यंत्र को अंजाम देना था ।
बापूजी यह बात अच्छी तरह जानते थे ।
इस केस में इतनी -इतनी नकली घटना बनाई गई हैं कि क्या बताऊँ आपको । मैंने घटना की मेडीकल रिपोर्ट पढ़ी है ऐसी विचित्र रिपोर्ट मैंने आज तक नहीं देखी है उस मेडीकल रिपोर्ट में लिखा है, कोई खरोच या झरिट नहीं आयी है, कोई हादसा नहीं हुआ है । कुछ नहीं है उसके बाद भी रेप का मामला जड़ दिया है ।
आपलोग कितनी भारी संख्या में यहाँ(जंतर-मंतर)पर एकत्रित हुए है और बहनों की संख्या तो बहुत है ही लेकिन मीडिया इसको नहीं दिखाईगी ।
मीडिया तो TRP के लिए याकूब मेनन का प्रदर्शन दिखाती है क्यों ? क्योंकि advertisement एजेंसी को पैसा दिया गया था । मीडिया को जिस व्यक्ति से पैसा मिलता है वह दिखता है ।
ishkaran bhandari 11 september Jago Hindustani
एक दिन मैंने बापूजी से पूछा था बापूजी आप अपने लिए advertisement क्यों नहीं करते है तो बापूजी बोले की यह पैसा मेरा नहीं है यह गरिबो का है । यह उनकी रोटी ,उनकी पढाई उनके लिए जायेगा । अपने आप के लिए मैं मीडिया को रिश्वत नहीं दूंगा और आज भी बापूजी इस बात पर अड़े है ।
मीडिया जितना हो सके नेगेटिव दिखा दे लेकिन जो लोगो के दिलो में आस्था है वह इन मीडिया के वजह से नहीं है ।
याकूब मेनन के लिए जो पांच -पंद्रह व्यक्ति मोमबती जलाते थे उसके लिए पचास कैमरे लगाये गए थे और आज यहाँ पर (जंतर-मंतर) लाखों की भीड है फिर भी उनके पांच कैमरे भी नहीं हैं । यह है उनका हिन्दू धर्म विरोधी रवैया । सभी को इस बात से लड़ना पड़ेगा ।
दो साल पहले जब मैं इंदौर में था तो बापूजी बोले जाओ नारायण साईं के साथ मिलकर मीडिया को सम्बोधित करो मैं मीडिया के सामने आया , मैंने पुलिस की रिपोर्ट पढ़कर उनको सुनाया, पांच सौ कैमरे लगे थे लेकिन किसी ने भी यह नहीं दिखाया । बस यह दिखाते रहे बापूजी कहीं चले गए है, बापूजी भागे हुए है मैंने मीडिया को कहा की बापूजी यही पर है कही नहीं गए है लेकिन मीडिया इस पक्ष को नहीं दिखाई इससे गन्दा काम मीडिया का क्या हो सकता है?
बापूजी उस समय भी मुस्करा रहे थे बोलो मुझे पता है यह जितना कुप्रचार करेंगे उतना हिन्दू धर्म के लिए अच्छा है उतने ही लोग हिन्दू धर्म के लिए आगे आएँगे और आज ऐसा हो रहा है ।