ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित मीडिया का रवैया हमेशा हिन्दू विरोधी रहा है ।
Jagohindustani Anti Hindu Attitude Of Media
ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा जी के लिए बिकाऊ मीडिया ने 'ब्रह्मचारी की भोग साधना' जैसे शीर्षक देकर डिबेट और ट्रायल करके दिन रात उनके खिलाफ ज़हर उगला लेकिन अब उनको कॉर्ट ने क्लीन चिट दे दी तब इलेट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया उनकी निर्दोषता का प्रचार क्यों नहीं कर रहे
पहले भी बिकाऊ मीडिया ने जयेंद्र सरस्वती, स्वामी नित्यानन्द, श्री कुपालु महाराज जैसे संतों पर भी खूब कीचड़ उछाला लेकिन जब वो कोर्ट से निर्दोष बरी हो गए तो उनके लिए 1 मिनिट का भी न्यूज़ नहीं दिखाई क्यों
संत आसारामजी बापू के आश्रम में तांत्रिक विधि चल रही है ऐसा दिन रात मीडिया ने अभियान चलाया लेकिन जब उनको सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी तब बिकाऊ मीडिया मौन क्यों हो गई
अभी भी हमारे हिन्दू संत साध्वी प्रज्ञा जी, स्वामी असीमानंद, संत आसारामजी बापू , श्री धनंजय देसाई के ऊपर एक भी आरोप सिद्ध नही हुआ है फिर भी बिकाऊ मीडिया उनको पुरे जोश से बदनाम कर रही है । जैसे ही उनकी जमानत होने वाली होती है तो बिकाऊ मीडिया दिन रात उनके खिलाफ अभियान चलाकर कोर्ट पर दबाव डालती है ।
आखिर हिन्दू संतो के खिलाफ ही क्यों मीडिया दिखाती है कभी ईसाई पादरी या मौलवी के लिए क्यों नहीं ?
मीडिया की चैनले 90% ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित है इसलिए वो हमेशा हिन्दू विरोधी ही मुहीम चलाएगा ।
आपलोग कितनी भारी संख्या में यहाँ(जंतर-मंतर)पर एकत्रित हुए है और बहनों की संख्या तो बहुत है ही लेकिन मीडिया इसको नहीं दिखाईगी ।
मीडिया तो TRP के लिए याकूब मेनन का प्रदर्शन दिखाती है क्यों ? क्योंकि advertisement एजेंसी को पैसा दिया गया था । मीडिया को जिस व्यक्ति से पैसा मिलता है वह दिखता है ।
ishkaran bhandari 11 september Jago Hindustani
एक दिन मैंने बापूजी से पूछा था बापूजी आप अपने लिए advertisement क्यों नहीं करते है तो बापूजी बोले की यह पैसा मेरा नहीं है यह गरिबो का है । यह उनकी रोटी ,उनकी पढाई उनके लिए जायेगा । अपने आप के लिए मैं मीडिया को रिश्वत नहीं दूंगा और आज भी बापूजी इस बात पर अड़े है ।
मीडिया जितना हो सके नेगेटिव दिखा दे लेकिन जो लोगो के दिलो में आस्था है वह इन मीडिया के वजह से नहीं है ।
याकूब मेनन के लिए जो पांच -पंद्रह व्यक्ति मोमबती जलाते थे उसके लिए पचास कैमरे लगाये गए थे और आज यहाँ पर (जंतर-मंतर) लाखों की भीड है फिर भी उनके पांच कैमरे भी नहीं हैं । यह है उनका हिन्दू धर्म विरोधी रवैया । सभी को इस बात से लड़ना पड़ेगा ।
दो साल पहले जब मैं इंदौर में था तो बापूजी बोले जाओ नारायण साईं के साथ मिलकर मीडिया को सम्बोधित करो मैं मीडिया के सामने आया , मैंने पुलिस की रिपोर्ट पढ़कर उनको सुनाया, पांच सौ कैमरे लगे थे लेकिन किसी ने भी यह नहीं दिखाया । बस यह दिखाते रहे बापूजी कहीं चले गए है, बापूजी भागे हुए है मैंने मीडिया को कहा की बापूजी यही पर है कही नहीं गए है लेकिन मीडिया इस पक्ष को नहीं दिखाई इससे गन्दा काम मीडिया का क्या हो सकता है?
बापूजी उस समय भी मुस्करा रहे थे बोलो मुझे पता है यह जितना कुप्रचार करेंगे उतना हिन्दू धर्म के लिए अच्छा है उतने ही लोग हिन्दू धर्म के लिए आगे आएँगे और आज ऐसा हो रहा है ।