इलेक्ट्रॉनिक हो या प्रिंट मीडिया जभी किसी कि छवि खराब करना हो और उस व्यक्ति से पैसे नही मिल रहे हो तो उनके खिलाफ झूठी कहानियां बनाकर ऐसे पेश करती है कि जैसे समझो उसके जैसा दुनिया मे बड़ा कोई अपराधी ही न हो । लेकिन उसकी अच्छाई कीतनी भी हो वे नही दिखायेगी क्यो कि फंडिग नही मिली होती है । हमारा देश का दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता का चौथा स्तंभ माने जाने वाला मीडिया ही अगर ऐसा करेंगे तो जनता का क्या होगा? ये हमारे देश के लिए बड़े दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है ।
आपको अभी हम एक ताजा घटना बता रहे है
Media duplication: false news appeared
but simple silence on good looks
बता दे कि जनवरी 2017 में भी दो ट्रक बछड़े भरके कत्लखाने जा रहे थे उनको बचाकर
निवाई स्थित संत आशारामजी बापू गौशाला में रखे गये थे ।
हमारे देश मे भगवान श्री कृष्ण भी गौमाता को चराने जाते थे आज उन गौमाता को कत्लखाने जाना पड़ रहा है और उनको जो बचाने आते है उनको जेल भिजवाया जाता है जिससे कसाईयो का धंधा चलता रहे ।
आपको बता दें कि #ये पहली बार नही है जो इन 35 और 64 बछडों को ही #संत #आशारामजी #गौशाला में रखा गया हो पहले भी #कई बार #संत #आशारामजी #बापू ने कत्लखाने जाती हुई गायों को बचाकर अपने गौशाला में रखा है ।
हिन्दू संत #आशारामजी #बापू ने देश भर में बड़ी-बड़ी 9 गौशालाएं बनवाई है ।
देश में #एक तरफ गौ-माता के कत्लखाने, #दूसरी ओर #संत #आशारामजी #गौशालाओं में कत्ल करने के लिए जा रही #हजारों #गायों को बचाकर #गौशालाओ में रखा है । उन गायों कि भी वहां अच्छे से देखभाल की जाती है जो दूध भी नही देती और कई गायें तो बीमार भी रहती हैं उनकी भी वहाँ मौसम अनुसार अच्छी देखभाल की जाती है ।
गरीबों के लिए भी गौशालाएं बनी सहारा
#संत #आशारामजी #बापू कि #गौशालाओं द्वारा गौ माता के गौमूत्र, गोबर आदि से धूपबत्ती, खाद, फिनाईल, औषधियाँ आदि का निर्माण कर गौशालाओ को स्वावलम्बी बनाकर अनेक गरीब परिवारों के लिए रोजी-रोटी का द्वार भी खोल दिया ।
उनके अनुयायियों द्वारा गौ माता को बचाने के लिए समय-समय पर #ट्वीटर के जरिये मांग भी की है ।
गौ माताओं के लिए इतना उत्तम सेवाकार्य किया जा रहा है #संत #आशारामजी #बापू द्वारा लेकिन मीडिया इसको न दिखाकर केवल यही दिखाती है कि कैसे एक हिन्दू संत कि छवि को धूमिल कर दिया जाये और करोड़ों ह्रदय में कैसे नफरत भर दी जाये यही इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का काम है ।
गौरतलब है कि हिन्दू संत आशाराम बापू ऊपर अगस्त 2013 में एक छेड़छाड़ी का मामला दर्ज हुआ, उसके बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया और 5 साल तक जमानत नही दी गई और बाद में उम्रकैद कर दी जिससे वे कभी बाहर ही नही आ सके उसके लिए मीडिया ने जोरो से अनेक झूठी कहानियां बनाकर दिखाई लेकिन उनके खिलाफ कैसे षड्यंत्र रचा था और कैसे फसाया गया वे आजतक नही बताया जबकि उनके निर्दोष होने के अनेक प्रमाण होते हुए भी उम्रकैद कर दी ये भी एक दुर्भाग्यपूर्ण फैसल जनता मान रही है खैर ऊपरी कोर्ट में पता चल ही जायेगा कि कैसे फसाया था जैसे शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती जी को निचली कोर्ट ने सजा दिया और ऊपरी कोर्ट ने बरी कर दिया ऐसे ही बापू आशारामजी के साथ भी होगा ।
बात मुद्दे कि यह है कि जयेंद्र सरस्वती हो या साध्वी प्रज्ञा सिंह हो या बापू आसारामजी हो उन पर जब आरोप लगते है तो मीडिया जोरो शोरो से बदनाम करते है लेकिन जैसे ही उनको निर्दोष होते तो नही दिखाती है और नही उनके अच्छे सेवाकार्य दिखाती है ।
सुदर्शन न्यूज चैनल के मालिक #श्री सुरेश चव्हाणके ने बताया है कि भारत कि मीडिया को अधिकतर #फंडिग #वेटिकन सिटी जो ईसाई धर्म का बड़ा स्थान है वहाँ से आता है इसलिए #मीडिया केवल #हिन्दू धर्म के #साधु-संतों को बदनाम करती है और ईसाई पादरियों के दुष्कर्म को छुपाती है ।
भारतवासी भी विदेशी फंडिग से चलने वाली मीडिया से सावधान रहें ।
भारत हिन्दू बाहुल देश है लेकिन विदेशी #आक्रमणकारियों ने आकर #बलपूर्वक या लालच से #धर्मपरिवर्तन करवा दिया वो स्थिति आज भी बनी हुई है देश मे। #ईसाई मिशनरियां लालच देकर और मुस्लिम बलपूर्वक #धर्मपरिवर्तन कराने का प्रयास पुरजोर कर रहे हैं यह हिन्दुओं के लिए चिंताजनक स्थिति बनी हुई है अगर ऐसा आगे भी चलता रहा तो 8 राज्यों कि तरह अन्य राज्यों में भी शीघ्र हिन्दू अल्पसंख्यक हो जाएंगे ।
When 8 Hindus became minor in 8 states,
they did not know, they would get minority status
भाजपा नेता #अश्विनी उपाध्याय ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल किया था और देश के आठ राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने कि मांग की है । याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि इन आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं । ऐसे में इन राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यकों वाले अधिकार मिलने चाहिए ।
इन राज्यों में #लक्षद्वीप, #जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, #नागालैंड, #मेघालय, #अरुणाचल प्रदेश, #मणिपुर और पंजाब शामिल हैं । याचिकाकर्ता ने 1993 में केंद्र सरकार कि आेर से जारी नोटिफिकेशन को भी असंवैधानिक घोषित करने कि मांग की है ।
याचिकाकर्ता उपाध्याय ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि 23 अक्टूबर 1993 में नोटिफिकेशन जारी कर मुस्लिम समेत अन्य समुदाय के लोगों को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया था ।
उपाध्याय ने कहा कि 2011 के जनगणना के आंकड़ों कि मानें तो देश के 8 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं लेकिन उन्हें इन राज्यों में यह दर्जा अभी तक नहीं मिला है ।
याचिका में कहा गया है कि किसी भी समुदाय के अल्पसंख्यकों का दर्जा सिर्फ उनकी जनसंख्या के आधार पर ही मिलना चाहिए । याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कानून मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया है ।
आंकडों के अनुसार इन सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हिन्दू इतने प्रतिशत ही बचे है मिजोरम (2.70%), लक्षद्वीप (2.80%), नागालैंड (8.70%), मेघालय (11.50%), जम्मू-कश्मीर (28.40%), अरुणाचल प्रदेश (29.00%), पंजाब (38.50%) और मणिपुर में (41.40) प्रतिशत है। तीन राज्यों नागालैंड, मिजोरम और मेघालय में ईसाई बहुसंख्यक होते जा रहे हैं। #जम्मू-कश्मीर और #लक्षद्वीप में #मुस्लिम समुदाय #बहुसंख्यक है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने इस संबंध में एक विशेष कमेटी भी गठित की है। यह कमेटी इस मुद्दे पर विचार के लिए 14 जून को एक बैठक करेगी। बैठक में इस मसले पर फैसला लिए जाने कि संभावना है।
केंद्र सरकार हर साल राज्य सरकारों को अल्पसंख्यकों कि मदद के लिए करोड़ों रुपए कि आर्थिक मदद देती है। मगर इसका लाभ देश के उन आठ राज्यों में नहीं मिल पा रहा है जहां वे सही मायनों में अल्पसंख्यक हैं।
भारत में हिन्दू खत्म किये जा रहे हैं । अगर अब भी हिन्दू नहीं जगे तो हिंदुओं का अस्तित्व समाप्त होता चला जायेगा । #हिन्दुओं के #खात्मे कि बड़ी भयंकर #साजिश रची जा रही है।
आपको बता दें कि भारत में अधिकतर स्थानों पर #ईसाई पादरी प्रलोभन देकर #धर्मान्तरण करवा रहे हैं दूसरी ओर मुस्लिमों द्वारा जबरन या लवजिहाद द्वारा धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है अभी भी हिन्दू नहीं जगे तो जैसे #आठ #राज्यों में #हिन्दू #अल्पसंख्यक हो गये है ऐसे ही अन्य राज्यों में भी होने लगेंगे ।
वेटिकन सिटी और इस्लामिक देशों द्वारा भारतीय #मीडिया में भारी #फंडिंग कि जा रही है जिससे वे गरीबी, #श्री राम मंदिर, धारा 370, #गौ-हत्या, महंगाई, किसानों कि #आत्महत्या, जवानों कि हत्या, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार आदि समस्याओं पर बहस नहीं करके केवल हिन्दू #साधु-संतों के #खिलाफ ही खबरें दिखाते हैं और भोले हिन्दू इस बात को सही समझकर उनके ही धर्मगुरुओं पर उंगली उठाते हैं और गलत टिप्पणियाँ करते हैं । जबकि मीडिया ईसाई पादरियों और मौलवियों द्वारा हो रहे कुकर्मो को छुपाता है क्योंकि उनके द्वारा फंडिग की जा रही है।
गौरतलब है कि आजतक जिन्होंने भी हिन्दू धर्म कि हित कि बात की, धर्मांतरण पर रोक लगाई, हिन्दुओं कि घर वापसी करवाई, विदेशी कम्पनियों का बहिष्कार करवाया, पाश्चात्य संस्कृति का विरोध किया उन हिन्दू साधु-संतों एवं कार्यकताओं के खिलाफ सुनियोजित षडयंत्र करके उनकी हत्या करवा दी गई या मीडिया द्वारा बदनाम करवाकर ,राजनेताओं से मिलकर जेल भिजवा दिया गया ।
हिन्दुआें कि जो स्थिति आज इन 8 राज्यों में है वह स्थिति बाकि राज्यों में ना हो इसलिए हिन्दुआें को जागृत होकर स्वयं का अस्तित्व बचाने हेतु अब संगठित होना होगा ।
इसपर हिन्दू जनजागृति के कुछ सूत्र भी ध्यान में लेना चाहिए…
*1.* हिन्दुआें को अल्पसंख्यक का दर्जा देने के साथ-साथ इन राज्यों में हिन्दुआें कि संख्या क्यों कम हो रही है ? इसकी भी जांच होनी चाहिए । क्योंकि पहले वहां हिन्दू बहुसंख्यंक थे ।
*2.* कश्मीर कि स्थिति तो सभी को ज्ञात ही है ।
कैसे वहां हिन्दुआें का नरसंहार किया गया ? कैसे वहां से हिन्दुआें को अपना घर-जमीन छोडने के लिए मजबूर किया गया, कश्मीर के बाद देश के कर्इ राज्यों में हिन्दू स्वयं को बचाने हेतु पलायन कर रहे हैं जिसका उदाहरण है उत्तरप्रदेश का कैराना गांव !
*3.* आज हिन्दुआें के सामने धर्मांतरण, लव जिहाद, मंदिर सरकारीकरण जैसे कर्इ संकट है एेसे में उन्हे केवल अल्पसंख्यक का दर्जा देना पर्याप्त नही है ।
*आप क्या कर सकते हैं..???*
*1.* जहां से हिन्दुआें को अपना घर-जमीन छोड़कर पलायन करने पर मजबूर किया गया है वहां हिन्दुआें को फिर से बसाने के लिए सरकार से निवेदन द्वारा मांग करें ।
*2.* जहां हिन्दुआें काे डरा धमकाकर एवं लालच देकर धर्मान्तरित किया जाता है उसे रोकने के लिए प्रशासन को निवेदन दें ।
*3.* हिन्दुआें कि यह दु:स्थिति बाकि के हिन्दुआें तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करें तथा हिन्दुआें में जागृति फैलाए ।
*4.* धर्मशिक्षा का अभाव यह भी हिन्दुआें कि इस दु:स्थिति का कारण है इसलिए उन्हे धर्मशिक्षा दें ।
हिन्दू आज एकजुट होकर इन षडयंत्रों का विरोध नहीं करेंगे तो एक के बाद एक हिन्दुओं को नष्ट कर दिया जायेगा और हिन्दू अल्पसंख्यक होते जायेंगे ।
रोहिंग्या देश के लिए बहुत खतरनाक है उनका मकसद है जनसंख्या बढ़ाना और फिर देश पर कब्जा करने का इसलिए प्रतिदिन हजरों बच्चें पैदा कर रहे है हिंदुस्तानी तो बोलता है हम दो हमारे दो इसमे ही रुक गया है पर रोहिंग्या 40-40 बच्चें तक पैदा करते है इससे साफ जाहिर है कि जनसंख्या बढ़ाकर वोटबैंक खड़ा करके खुद कि सरकार बनाना और भारत पर राज करना है ।
वर्तमान सरकार ने रोहिंग्याओं को बाहर निकालने के लिए बड़ा कदम उठाया था पर न्यायालय ने रोक लगा दी ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है न्यायालय को रोहिंग्याओं के बारे में पूरी जानकारी लेकर न्यायालय को सरकार के फैसले को मान्य रखना चाहिए ।
रोहिंग्या देश के लिए कितने खतरनाक है उसके लिए
मानवाधिकार संगठन ऐमनेस्टी इंटरनेशनल का रिपोर्ट से पता चलता है ।
Horrible report: Rohingyas did openly kill Hindus
बिते साल म्यांमार के रखाइन राज्य में हुई हिंसा के दौरान रोहिंग्या आतंकियों ने गांव में रहने वाले हिंदुओं का कत्लेआम किया। ऐमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कि जिसमें हिंसा के दौरान हुई मौतों के बारे में यह नया खुलासा हुआ है। मानवाधिकार संगठन कि रिपोर्ट में पाया गया है कि यह नरसंहार 25 अगस्त 2017 को हुआ था जिसमें 99 हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया गया। यह वही दिन था जिस दिन रोहिंग्या उग्रवादियों ने पुलिस पोस्ट्स पर हमले किए थे और राज्य में संकट शुरू हो गया था।
उग्रवादियों के हमले के जवाब में म्यांमार कि सेना ने ऑपरेशन चलाया जिसकी वजह से करीब 7 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को इस बौद्ध देश को छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार सेना के ऑपरेशन को रोहिंग्याओं का ‘नस्ली सफाया’ बताया। रोहिंग्या उग्रवादियों पर दुर्व्यवहार के भी आरोप लगे। इसमें रखाइन राज्य के उत्तरी हिस्से में हिंदुओं के नरसंहार का मामला भी शामिल है। बिते साल सितंबर में सेना मीडिया रिपोर्ट्स को इस इलाके में ले गई जहां सामूहिक कब्र मिली।
एएसआरए संगठन के नेता अता उल्लाह (बीच में)
इन उग्रवादियों के संगठन अराकान रोहिंग्या सैल्वेशन आर्मी (ARSA) ने उस समय नरसंहार कि जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। लेकिन ऐमनेस्टी इंटरनैशनल ने कहा कि नई जांच से यह स्पष्ट है इस संगठन ने 53 हिंदुओं को फांसी देकर मार दिया। मरने वालों में अधिकांश खा मॉन्ग सेक गांव के बच्चे थे।
ऐमनेस्टी इंटरनेशनल कि तिराना हसन ने कहा, ‘हमारी ताजा जांच से ARSA द्वारा उत्तरी रखाइन में बड़े पैमाने पर किए गए मानवाधिकारों के दुरुपयोग पर प्रकाश पड़ता है जो मामले अब तक रिपोर्ट नहीं किए गए थे। ये अत्याचार भी गंभीर है।’
इस हिंसा से जान बचाकर भागे 8 लोगों से बातचीत के बाद मानवाधिकार समूह ने कहा कि दर्जनों लोगों को बांध कर आंख पर पट्टी लगाकर शहर में घुमाया गया। 18 साल कि राज कुमार ने ऐमनेस्टी से कहा, ‘उन्होंने पुरुषों का कत्ल कर लिया। हमें उनकी तरफ न देखने को कहा गया…उनके पास चाकू थे। उनके पास लोहे के छड भी थे।’ राज ने कहा कि झाड़ी में छिपकर उसने अपने पिता, भाई, चाचा कि हत्या होते देखा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसी दिन ये बॉक क्यार नाम के एक दूसरे गांव में 46 हिंदू पुरुष, महिलाएं और बच्चे गायब हो गए। स्त्रोत : नवभारत टाइम्स
आपने देखा देश के लिए रोहिंग्या खतरे से खाली नही है फिर भी सेकुलर और मीडिया उनके निकलाने कि बात करते ही छाती पीटने लगती है ।
रोहिंग्यों के लिये आंसू बहाने वाले इस रिपोर्ट पढ़कर क्या अब देश को जवाब देंगे ?
रोहिंग्या शरणार्थीयों को मिलने बांग्लादेश जानेवाली प्रियंका चोपडा क्या अब इस समाचार पर कुछ कहेगी ?
रोहिंग्या देश के लिए क्यों खतरा है?
*1.* शरणार्थियों के #आतंकी #संगठनों से #संबंध है !
*2.* रोहिंग्या न केवल #भारतीय #नागरिकों के अधिकार पर #अतिक्रमण कर रहे हैं अपितु सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं !
*3.* #रोहिंग्या शरणार्थियों के कारण #सामाजिक, #राजनीतिक और #सांस्कृतिक #समस्याएं खड़ी हो सकती हैं !
*4.* इसके पीछे कि एक सोच यह भी है कि भारत के जनसांख्यिकीय स्वरूप सुरक्षित रखा जाए !
मुद्दे कि बात यह है कि जिस तरह से घुसपैठियों ने देश में आकर देश कि जनता को मजहब के नाम पर और खुद कि संख्या ज्यादा करने के लिए मारना शुरू किया है उससे देश में #आतंक #फैल #सकता है जिससे खून खराबे हो सकते हैं जो कि किसी भी देश के लिए सही बात नहीं है ।
भारत सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर निकालने का जो निर्णय लिया है वह देश कि सुरक्षा के लिए कितना उचित है इसका अंदाजा सभी भारतीय लगा सकते हैं ।परंतु फिर भी सेक्युलरिस्ट कार्यकर्ता कुछ राजनेता तथा कर्इ धर्मांध जिहादी इन रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन कर उन्हें भारत में शरण मिलने के लिए भारत सरकार पर दबाव डाल रहे हैं । कुछ जिहादी धर्मांधों ने तो यह भी धमकिया दी है कि यदि रोहिंग्या मुसलमानों को कोर्इ हाथ भी लगाएगा तो भारत देश तथा हिन्दुआें को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होगे ।
सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों को अब संगठित होकर भारत सरकार से यह मांग करनी चाहिए कि रोहिंग्या मुसलमानों के साथ साथ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियो तथा रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करनेवालों को भी इस देश से बाहर निकाले । नहीं तो यह #लोग #भविष्य में हमारे #अस्तित्व पर ही #संकट ला सकते है इसलिए अभी से #सावधान !!